जबलपुर के इस लॉन्ग प्रूफ रेंज में 19 फरवरी की रात चोरी हुई थी.
Jbalpur : यह वही एलपीआर रेंज है जहां देश की सबसे ताकतवर तोप सारंग और धनुष की टेस्टिंग की जाती है. 125mm बैरल से लेकर 155mm बैरल तक की उच्च तकनीकी तोपों का परीक्षण यहीं पर होता है.
टंगस्टन पेनिट्रेटर नाम का उपकरण चोरी
जबलपुर के खमरिया स्थित सेना के लॉन्ग प्रूफ रेंज यानि एलपीआर से 3 टैंक भेदी बम चोरी हो गए हैं.जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि चोरी करने वाले शख्स ने 3 टैंक भेदी बमों से टंगस्टन पेनिट्रेटर नाम का उपकरण निकाल लिया है.खास बात यह है कि चोर ने बारूद को बम से बाहर निकालकर टंगस्टन पेनिट्रेटर को निकाला जो कि किसी जानकार व्यक्ति का ही काम हो सकता है.यह वही एलपीआर रेंज है जहां देश की सबसे ताकतवर तोप सारंग और धनुष की टेस्टिंग की जाती है.
इंटरनल इंक्वायरी शुरूहैरत की बात यह है कि जिस एलपीआर रेंज में सेना का कड़ा पहरा रहता है वहां से बमों के उपकरणों का चोरी चला जाना कई सवाल खड़े कर रहा है. जानकारी के मुताबिक इस मामले में सेना ने इंटरनल इंक्वायरी भी शुरू कर दी है.इसमें तमाम लोग जांच के घेरे में हैं.यह वही एलपीआर रेंज है जहां देश की सबसे ताकतवर तोप सारंग और धनुष की टेस्टिंग की जाती है. 125mm बैरल से लेकर 155mm बैरल तक की उच्च तकनीकी तोपों का परीक्षण यहीं पर होता है.
एक खोल की कीमत 2 लाख रुपये
रेंज क्षेत्र की प्रयोगशाला में 19 फरवरी की रात चोरी की ये घटना हुई. चोर यहां घुसा और तोप के तीन गोलों का खोल चुरा ले गया. एक खोल की कीमत 2 लाख रुपए बताई जा रही है. 24 फरवरी की रात में एलपीआर के सूबेदार शंकर सिंह की शिकायत पर अज्ञात चोर के खिलाफ धारा 457,380 आईपीसी का केस दर्ज किया गया.
विभागीय जांच के आदेश
एलपीआर की प्रयोगशाला से जिस तरह चोरों ने खिड़की की ग्रिल तोड़कर तोप के तीन खोल चोरी किए, उससे हड़कंप है. रक्षा मंत्रालय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है. विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. बहरहाल , एलपीआर प्रबंधन इस पर कुछ भी बोलने से बच रहा है. खोल को बारूद से अलग किया गया है, इससे साफ है कि इसमें कोई अंदर का व्यक्ति शामिल है.