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India’s Most Poor Zila: सबसे गरीब और अनपढ़ जिला बिहार या छत्तीसगढ़ नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में है. जानिए कौन है वह जिला जहां 71% लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं.
भारत के 797 जिलों में कई जिले साक्षरता, विकास और समृद्धि में मिसाल बन चुके हैं. कहीं तकनीकी शिक्षा का बोलबाला है तो कहीं उद्योगों की भरमार. लेकिन देश में एक जिला ऐसा भी है, जहां आज भी लोग शिक्षा से कोसों दूर हैं और गरीबी की चपेट में जीवन गुजार रहे हैं. यह जिला न सिर्फ सबसे कम पढ़ा-लिखा है, बल्कि सबसे गरीब जिलों में भी शामिल है.

जब भारत के सबसे कम साक्षरता वाले जिलों की बात होती है, तो लोग तुरंत बिहार की ओर इशारा करते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि देश का सबसे कम पढ़ा लिखा जिला बिहार में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में स्थित है. यह जिला आदिवासी बहुल है और यहां साक्षरता दर 40 फीसदी से भी कम है.

दअरसल, मध्य प्रदेश का अलीराजपुर जिला भारत का सबसे कम पढ़ा-लिखा और गरीब जिला है. 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां की औसत साक्षरता दर महज 36.10 प्रतिशत है. यानी यहां हर 100 में से सिर्फ 36 लोग ही पढ़े-लिखे हैं. जबकि राष्ट्रीय औसत साक्षरता दर 74% के आसपास है.

अलीराजपुर में पुरुषों की साक्षरता दर करीब 51.92% है, लेकिन महिलाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है. महिलाओं की साक्षरता दर सिर्फ 20.29% है. शिक्षा की कमी के कारण यहां बच्चियों की शादी जल्दी हो जाती है और रोजगार के अवसर भी सीमित हैं.

यह जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां आधुनिक जीवनशैली, शिक्षा और तकनीकी सुविधाएं अब भी पहुंच से दूर हैं. यहां के अधिकतर लोग खेती-बाड़ी पर निर्भर हैं, लेकिन कृषि भी पारंपरिक तरीकों से होती है. रोजगार के साधन बहुत कम हैं और लोगों को मजदूरी के लिए शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है.

गरीबी की बात करें तो 71 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं. सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी बेहद कमजोर हैं. स्कूल तो हैं, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी है. सरकारी योजनाएं भी पूरी तरह ज़मीन तक नहीं पहुंच पा रही हैं.

बता दे कि, मध्य प्रदेश का अलीराजपुर जिला पहले झाबुआ जिले का हिस्सा था. 17 मई 2008 को इसे स्वतंत्र जिला घोषित किया गया. यह गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है. मालवा क्षेत्र में बसे इस जिले की आबादी लगभग 7.28 लाख है और यह पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्र है

अलीराजपुर जिले में कुल 5 तहसीलें है. इनमें अलीराजपुर, जोबट, सोंडवा, कट्ठीवाड़ा और चंद्रशेखर आज़ाद नगर शामिल हैं. इसके अलावा जिले में 288 ग्राम पंचायत और 552 गांव हैं. कुल क्षेत्रफल 3,182 वर्ग किमी है. यहां की भौगोलिक बनावट और घने जंगल भी विकास में बाधक माने जाते हैं.

देश के सबसे कम शिक्षित जिलों की सूची में अलीराजपुर पहले स्थान पर है. इसके बाद छत्तीसगढ़ का बीजापुर और दंतेवाड़ा जिला आता है. जबकि चौथे स्थान पर फिर मध्य प्रदेश का झाबुआ जिला है. यानी पिछड़ेपन की इस दौड़ में मध्य प्रदेश सबसे आगे है. ये एक चिंता का विषय है.