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उज्जैन4 घंटे पहले
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अभियुक्त मकबूल को अदालत से मिली सजा
- अगस्त 2014 में भारी मात्रा में घर से बरामद हुए मादक पदार्थ के मामले में हुई सजा
MP के उज्जैन में मादक पदार्थों के कुख्यात तस्कर मकबूल को अदालत ने 15 साल जेल की सजा सुनाई। साथ ही 2.16 लाख रुपए का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। तीन अगस्त 2014 को पुलिस ने मकबूल के नगारची बाखल स्थित घर से 400 पुड़िया ड्रग्स, भारी मात्रा में कैफीन, पैरासिटामॉल और एल्प्राजोलम पावडर बरामद किया था। इसके अलावा बड़ी संख्या में अवैध हथियार, जेवरात व 5.78 लाख रुपए नकद भी मिले थे। सजा सुनाते समय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) राजेंद्र देवड़ा ने कहा कि अभियुक्त के पास से व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ मिला है, ऐसी स्थिति में उसकी सजा में उदारता बरता जाना न्यायोचित नहीं होगा। अभियुक्त से जब्त पदार्थ की मात्रा तथा उससे समाज पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभाव व अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समुचित दंड से दंडित करना उचित होगा। मकबूल वर्तमान समय में जेल में बंद है।

तत्कालीन एसपी अनुराग के साथ मकबूल को गिरफ्तार करने वाली टीम
दो पुलिस उपअधीक्षक, तीन थाने के इंसपेक्टर, शांतिदूत टीम के साथ दी थी दबिश
मकबूल का घर खाराकुआं थाना क्षेत्र के नगारची बाखल एरिया में है। उस समय एसपी अनुराग थे। एसपी को खबर मिली थी कि मकबूल पिता याकूब खां स्मैक का धंधा कर रहा है। उसके घर में भारी मात्रा में मादक पदार्थ मौजूद है। तत्कालीन एसपी अनुराग ने उस समय के पुलिस उपअधीक्षक डॉ सौरभ मिश्रा, विजय डॉवर के नेतृत्व में नानाखेड़ा थाना इंसपेक्टर विवेक कनोड़िया, सेंट्रल कोतवाली इंसपेक्टर गोपाल परमार, खाराकुआं इंसपेक्टर मुन्नी परिहार और शांतिदूत प्रभारी इंसपेक्टर दिनेश भोजक के साथ पुलिस आरक्षकों की टीम से दोपहर 12.30 बजे दबिश दिलवाई थी।
दरवाजा नहीं खोला तो तोड़कर घुसी थी पुलिस
जब पुलिस ने मकबूल को आवाज देकर बुलाया तो उसकी पत्नी ने मकान की पहली मंजिल से झांका। पुलिस को देखकर दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस उसे तोड़कर घर में दाखिल हुई थी।
खिड़की से झोला लटकाकर बेचता था ड्रग्स, दरवाजा नहीं खोलता था
मकबूल ने अपने घर की ऐसी किलेबंदी की थी कि कोई आसानी से उसके घर में नहीं पहुंच सकता था। ड्रग्स की पुड़िया देने के लिए भी वह घर के दरवाजे नहीं खोलता था। मकान की पहली मंजिल से डोरी के सहारे झोला लटकाता। उसमें ग्राहक पैसे रखता। फिर मकबूल इसी झोले में पुड़िया रखता। दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर रखता था।
भारी मात्रा में हथियार भी मिले थे
दबिश में मकबूल के घर से पुलिस को तीन तलवार, एक धारदार बड़ा चाकू, धारदार बांका, दो देशी पिस्टल, दो देशी कट्टे, 315 बोर की 30, 12 बोर की दो, 7.65 बोर की 27 और 32 बोर की आठ गोलियां बरामद हुई थीं। इसके अलावा 5.78 लाख रुपए नकद, भारी मात्रा में जेवरात भी मिले थे।
इस तरह तैयार करता था नशीला पावडर
तत्कालीन पुलिस उपअधीक्षक डॉ सौरभ मिश्रा ने बताया था कि मकबूल से 10 किलो एल्प्राजोलम, 20 किलो कैफिन व 50 किलो पैरासिटामल पाउडर जब्त हुआ है। तीनों पाउडर को मिलाकर मकबूल नशीला पदार्थ तैयार कर रहा था। एल्प्राजोलम से नींद और पैरासिटामॉल व कैफिन से सुस्ती आती है। मकबूल 10 ग्राम पाउडर में 50 पुड़िया बनाता और एक पुड़िया 100 रुपए में बेचता था।