टीकाकरण के दूसरे चरण का पहला दिन: प्रदेश में 17605 लोगों को लगा पहला टीका, भोपाल में 6600 को लगना था, 2321 को ही लगा

टीकाकरण के दूसरे चरण का पहला दिन: प्रदेश में 17605 लोगों को लगा पहला टीका, भोपाल में 6600 को लगना था, 2321 को ही लगा


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भोपालएक घंटा पहले

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राजधानी के जेपी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के लिए लग गई थी कतार

  • केंद्रों पर सुबह से ही लग गई थी भीड़ टीका लगवाने के लिए करना पड़ा इंतजार

प्रदेश में 186 सेंटर पर पहले दिन 17605 लोगों को टीका लगाया गया। इनमें 16019 लोग 60 से अधिक उम्र के हैं। हरदा में एक भी सीनियर सिटीजन टीके के लिए नहीं पहुंचा। सबसे कम 11 टीके आगर में लगे। वहीं भोपाल में 6600 को टीका लगना था, सिर्फ 2321 को लगा। यानी लक्ष्य का 35.16 फीसदी। अगला टीका 3 मार्च को लगेगा।

भोपाल में 17 टीकाकरण केंद्रों पर लोगों को लगाई गई वैक्सीन

राजधानी में पहले दिन 17 टीकाकरण केंद्रों पर 6600 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इनमें से महज 2321 को ही टीका लगाया जा सका। यह तय लक्ष्य का महज 35.16 प्रतिशत रहा।

पोर्टल समय पर शुरू नहीं होने के कारण टीकाकरण 9:30 बजे के बाद ही शुरू हो पाया। ऐसे में सुबह केंद्रों पर ना सिर्फ टीका लगवाने वालों की भीड़ रही, बल्कि लोगों को टीके लगवाने में एक से दो घंटे भी लगे। टीका लगवाने वालों में 978 महिलाएं और 1343 पुरुष शामिल थे।

एम्स के आयुष विभाग में फ्रंटलाइन और हेल्थ केयर वर्कर्स के साथ नई कैटेगरी सीनियर सिटीजन को वैक्सीनेशन में शामिल किया गया। दिनभर में कुल 220 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। सुबह 8 बजे से एम्स में वैक्सीनेशन टीम पहुंची और 9 बजे तक तैयारी पूरी कर ली थी।

9.30 बजे योगीलाल भान नामक बुजुर्ग वैक्सीन लगवाने पहुंचे। काउंटर पर पंजीयन करवाने के बाद हाॅल में कुछ देर बैठे और फिर इन्हें फर्स्ट डोज लगाने के लिए कमरा नंबर एक में ले जाया गया, जहां समझाइश देकर वैक्सीन लगाई गई। ऐसा ही बाकी बुजुर्गों के साथ भी किया गया। इनमें अयोध्या नगर निवासी आरडी पाठक भी वैक्सीन लगवाने आए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें कोरोना तो नहीं हुआ, लेकिन इस दिन का बेसब्री से इंतजार था। इन सभी को वैक्सीन लगवाने के बाद निगरानी कक्ष में भेजा जा रहा था।

किस कैटेगरी मेंं कितने टीके

  • 1062 सीनियर सिटीजन
  • 334 हेल्थ वर्कर्स फर्स्ट डोज
  • 748 हेल्थ वर्कर्स सेकंड डोज
  • 07 फ्रंटलाइन वर्कर्स फर्स्ट डोज
  • 170 कोमॉर्बीडिटी 45-60 साल

9.30 बजे ओपन हुआ पोर्टल: पहला टीका इंदिरा गांधी गैस राहत अस्पताल के पूर्व अधीक्षक को लगा

जेपी अस्पताल में बनाए गए केंद्र पर कोविन पोर्टल सुबह 9.30 बजे चलना शुरू हुआ। इसके बाद हितग्राहियों के ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन शुरू किए गए। पहला टीका सुबह 9.52 बजे इंदिरा गांधी गैस राहत अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. आरके तिवारी को लगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी सुबह 10.25 बजे जेपी पहुंचे थे। उन्होंने टीकाकरण केंद्र नंबर-1 पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया और 10.28 बजे उन्हें टीका लगाया गया। इसके बाद उन्हें आधे घंटे तक वहीं ऑब्जर्वेशन में रखा गया।

आम लोगों को छोड़ा, वीआईपी का पहले टीका

जेपी में जब पोर्टल ओपन हुआ तो रिटायर्ड आईएएस और डॉक्टरों की कतार लग गई। तब जिन लोगों ने पहले आकर रजिस्ट्रेशन कराए थे, उन्हें छोड़कर वीआईपी के रजिस्ट्रेशन पहले कर टीके लगाए गए।

वीआईपी को नहीं लगना पड़ा कतार में

जेपी में वीआईपी की सुविधा का इस कदर ध्यान रखा जा रहा था कि अस्पताल के डॉक्टर उन्हें सोफे पर बैठाकर उनके दस्तावेज लेकर खुद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने में लगे हुए थे।

गाइडलाइन का पालन करने से नहीं हुआ संक्रमण

कोरोनाकाल में मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया तो संक्रमित नहीं हुए। आज टीका लगवाने आए हैं, ताकि पूरी सुरक्षा हो सके।

-कल्पना मिश्रा (68), अरेरा कॉलोनी

कोरोना की वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है

मैंने अपनी बारी का इंतजार किया और आज बारी आने पर टीका लगवाया है। यह पूरी तरह सुरक्षित है, सभी को लगवानी चाहिए। -डॉ. प्रभुराम चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री
टीकाकारण में ये हुई परेशानी

1. पोर्टल सुबह 9 बजे शुरू होना था, पर 9.30 बजे के बाद चला।

2. कुछ सेंटरों पर पोर्टल 10 बजे तक भी काम नहीं कर रहा था।

3. पोर्टल पर कई आधार कार्ड का ऑथेंटिकेशन ही नहीं हो पाया।

4. टीकाकरण के बाद दिए जाने वाले सर्टिफिकेट के प्रिंट नहीं निकले।

5. 100% रजिस्ट्रेशन ऑनसाइट किए जाने से अफरा-तफरी रही।

डॉ. मिश्रा को लेकर पहुंचे मंत्री सारंग

शहर के जाने-माने 90 वर्षीय डॉक्टर एनपी मिश्रा भी सोमवार को टीका लगवाने के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंचे। व्हील चेयर पर बैठे डॉ. मिश्रा को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग वैक्सीनेशन सेंटर पर लेकर पहुंचे। डॉ. मिश्रा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन और मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी भी रहे हैं। जेपी अस्पताल के बाद सबसे ज्यादा टीके हमीदिया में ही लगे हैं।

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चौंकाने वाला मामला: धार में महिला को एंटी बॉडी बनने के बाद निकला कोरोना

इधर, धार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 30 वर्ष की महिला स्वास्थ्यकर्मी दूसरे डोज के बाद भी कोरोना पॉजिटिव आई हैं। हैरानी की बात है कि एंटीबॉडी का स्तर भी अच्छा पाया गया। उन्होंने 17 जनवरी काे पहला व 22 फरवरी काे दूसरा डोज लगवाया था। 26 को कराई जांच में कोरोना की पुष्टि हुई। बाकी रिपोर्ट नॉर्मल है।

यह हैरान करने वाला है कि किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण और एंटीबॉडी दोनों मिली हो। आशंका है कि कहीं यह वायरस का दूसरा स्ट्रेन तो नहीं है। जांच करा रहे हैं।

– डॉ. अनिल वर्मा, पैथोलॉजिस्ट धार

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