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- Employees Reached Collectorate At One Time In 16 Districts Of Indore, Ujjain Division, Said Central Government Wants To Hand Over Power Company To Private Hands
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इंदौर3 मिनट पहले
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मोर्चा के सदस्य दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
बिजली वितरण करने के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ प्रदेश भर में शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने एक साथ जिला मुख्यालयों में ज्ञापन दिए। कंपनी निजीकरण विरोधी मोर्चा के सदस्य दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इंदौर, उज्जैन संभाग के 16 जिलों में एक ही समय पर कर्मचारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
मोर्चा के सदस्य जीके वैष्णव के मुताबिक मुनाफे में चल रही बिजली कंपनी को जबरन केंद्र सरकार निजी हाथों में सौंपना चाहती है। केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को इसका मसौदा बनाकर भेज भी दिया है। निजीकरण की योजना पहले भी खारिज हो चुकी है। इसके दुष्परिणाम भी सरकार भुगत चुकी है। निजीकरण करने के बजाय सरकार को वितरण कंपनी में नियमित कर्मचारियों की भर्ती करना चाहिए। सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को कंपनी में भेजा था। आउटसोर्स कर्मचारी गैर प्रशिक्षित होते हैं, उन्हें कंपनी के कामकाज की जानकारी नहीं होती। गलत बिलिंग, मीटर रीडिंग और लाइन की जानकारी नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को खामियाजा भुगतना पड़ता है।
बिजली कर्मचारियों को दफ्तर और फील्ड में पदस्थ करने से पहले ट्रेनिंग के दौर से गुजरना होता है। गलत कार्रवाई होने पर केस, निलंबन और बर्खास्त होने का डर भी रहता है। नियमित कर्मचारी सरकार और उपभोक्ता के प्रति जवाबदार भी होते हैं। निजी हाथों में कंपनी को पर जाने से उपभोक्ता और कंपनी के बीच टकराव की स्थिति और ज्यादा होगी।