राष्ट्र प्रमुख ने दिया संदेश: न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल विवादों को सुलझाना नहीं

राष्ट्र प्रमुख ने दिया संदेश: न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल विवादों को सुलझाना नहीं


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जबलपुर15 घंटे पहले

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समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक ने श्री गणेश की प्रतिमा भेंट की।

  • छह प्रदेशों के मुख्य न्यायाधीश हुए शामिल

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ऑल इंडिया ज्यूडिशियल एकेडमीज डायरेक्टर्स रिट्रीट के उद्घाटन अवसर पर कहा कि हमारी न्यायिक प्रणाली का एक प्रमुख ध्येय है कि न्याय के दरवाजे सभी लोगों के लिए खुले हों। हमारे मनीषियों ने सदियों पहले न्याय को लोगों के दरवाजे तक पहुँचाने का आदर्श सामने रखा था।

न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल विवादों को सुलझाना नहीं, बल्कि न्याय की रक्षा करने का होता है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि में जनवरी 2021 तक पूरे देश में लगभग 76 लाख मामलों की सुनवाई वर्चुअल तरीके से की गई। हमारी लोअर ज्यूडिशरी देश की न्यायिक व्यवस्था का आधारभूत अंग है।

भेंट किए गए स्मृति चिन्ह

समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक ने श्री गणेश की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद मप्र हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को, जस्टिस शील नागू ने सीजेआई शरद अरविंद बोबडे को, जस्टिस सुजय पॉल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को, जस्टिस अतुल श्रीधरन ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना को, जस्टिस सुश्रुत धर्माधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण को, जस्टिस विवेक रूसिया ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस आनंद पाठक ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रविन्द्र एस. भट्ट को स्मृति चिन्ह भेंट की। मप्र राज्य न्यायिक अकादमी के डायरेक्टर रामकुमार चौबे ने प्रशासनिक न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव को भगवान नटराज की प्रतिमा भेंट की।

कोरोना में भी गतिशील रहा न्याय का रथ

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि कोरोना काल में भी न्याय का रथ गतिशील रहा। उन्होंने कहा कि मप्र न्यायिक अकादमी की 50 करोड़ रुपए की लागत से डुमना के पास बिल्डिंग बन रही है। उन्होंने ऋग्वेद के श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी दिशाओं से कल्याणकारी विचार हमारे पास आएँ, हमारा ऐसा प्रयास है। आभार प्रदर्शन प्रशासनिक न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव ने किया।

तीन पुस्तकों का हुआ विमोचन

समाराेह में तीन पुस्तकें विमोचित कर राष्ट्रपति को भेंट की गईं। सीजेआई शरद अरविंद बोबडे ने भारत के न्यायालय अतीत से वर्तमान तक, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना ने मध्य प्रदेश का न्यायिक इतिहास और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण ने आईएलआर डायजेस्ट का विमोचन किया। इसके बाद सभी पुस्तकों की पहली प्रति राष्ट्रपति को भेंट की गईं।

सीजेआई और मुख्यमंत्री ने कहा- कोरोना टेस्ट करा लिया है

सीजेआई शरद अरविंद बोबडे ने अपने भाषण की शुरूआत करते हुए कहा कि मैंने कल कोरोना टेस्ट करा लिया है, इसलिए मास्क उतार रहा हूँ। इसी तरह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब भी महामहिम का प्रदेश में आगमन होता है, तो कोरोना टेस्ट कराना होता है। मैंने कल कोरोना टेस्ट करा लिया। मैं कोरोना फ्री हूँ।

छह प्रदेशों के मुख्य न्यायाधीश हुए शामिल

कार्यक्रम में छह प्रदेशों के मुख्य न्यायाधीश शामिल हुए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रविशंकर झा, कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवासन ओका, पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल, बाम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता, मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विश्वनाथ सोमद्दर और जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मिथल ने कार्यक्रम में शिरकत की।

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