आशुतोष राणा ने कहा, मां ने कहा था यदि भाषा की गरिमा बनाए रखोगे तो भाषा तुम्हारी गरिमा बनाए रखेगी. मेरे साथ उनका कथन चरितार्थ हुआ है. मेरी किताब में गद्य के साथ पद्य सुनाई देता है
आशुतोष राणा (Ashutosh Rana) ने राइजिंग मध्य प्रदेश 2021 के मंच से कहा, श्रीराम के चरणपूजक तो हो गए, लेकिन आचरण नहीं पकड़ पाए. मैं राम राज नहीं राज्य स्थापित करना चाहता हूं. राज में व्यक्ति की पूजा होती है जबकि राज्य में जनता की पूजा होती है
लेखक और पाठक में अंतर है इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हम क्यों रोने लगते हैं. कभी कोई अभिनेता रोता है, लेकिन हम हंस रहे होते हैं. एसा इसलिए क्योंकि अभिनेता के दिल की रिद्म दर्शक के रिद्म से मिलती है. मैं उनमें से हूं जिसका जोर जो मानता है कि शब्द दिखाई दें. और सन्नाटे सुनाई दें. दोनों आंदोलित करते हैं. राम लीलाओं की परफॉर्मेंस लोगों के जेहन में आज भी जिंदा हैं.
‘भाषा की गरिमा बनाए रखोगे तो भाषा तुम्हारी गरिमा बनाए रखेगी’
अभिनेता आशुतोष राणा ने एक सवाल के जवाब में कहा, मां ने कहा था यदि भाषा की गरिमा बनाए रखोगे तो भाषा तुम्हारी गरिमा बनाए रखेगी. मेरे साथ उनका कथन चरितार्थ हुआ है. मेरी किताब में गद्य के साथ पद्य सुनाई देता है. मेरे अंदर यह सोच थी कि जिस भाषा का उपयोग में करता हूं. अगर आज के बच्चे इस किताब को पढ़ते हैं तो शब्द के प्रति विरक्ति के भाव अनुरक्त हो जाएं. इसलिए अर्थ लिखे. श्रीराम के चरणपूजक तो हो गए, लेकिन आचरण नहीं पकड़ पाए. मैं राम राज नहीं राज्य स्थापित करना चाहता हूं. राज में व्यक्ति की पूजा होती है जबकि राज्य में जनता की पूजा होती है.उन्होंने कहा कि रोम-रोम में प्रकाशित कण-कण ही राम है. मां सरस्वती शिक्षा की देवी हैं. रावण की नाभि में अमृत कुंड कहां से आया. वो कौन सा अमृत कुंड है. यह तमाम प्रश्न दिमाग में थे. जिस माता कैकई ने भरत के अंदर राम की भक्ति डाली, उन्होंने अचानक क्यों कहा कि गद्दी भरत को मिले और वनवास राम को मिले. मेरा मानना है कि शूर्पणखा दंडकारण्य की गवर्नर थी. प्रकांड विद्वान रावण, महान वैज्ञानिक कुंभकर्ण और प्रकांड भक्त विभीषण की बहन हैं. तो उसका पतन कैसे होगा. भगवान राम को प्रणय का निवेदन करने वाली कोई साधारण स्त्री तो नहीं होगी. राम भी उनसे अपमानपूर्वक चर्चा नहीं कर रहे. चर्चा कर रहे हैं. इसलिए वो सामान्य नहीं थी. जिसकी भृकुटी मात्र से संसार खत्म हो जाए उनसे चर्चा करने वाला कोई साधारण तो नहीं होगा.
राइजिंग मध्य प्रदेश 2021 के मंच से अपनी किताब के अंश पढ़े
आशुतोष राणा ने राइजिंग मध्य प्रदेश 2021 कार्यक्रम के मंच से अपनी किताब के अंश पढ़े. अनुवांशिकता तो आती है. सूर्य अपने आपको प्रमाणित नहीं करता. मैं तो अपने राम को आपके सामने लाया हूं. हम तो स्वयं की खोज करना चाहते हैं. रोम-रोम में प्रकाशित होने वाली चेतना राम है. इसके अलावा उन्होंने कलि और कल्कि के बीच का संवाद सुनाया, अब अशुद्धि के लिए शुद्ध होना चाहता हूं. अब तुम्हारे भक्त भी मेरी पकड़ में आ गए हैं. मारना है मुझको तो पहले इन्हें तुम मार लो.