आजादी का अमृत महोत्सव: इंटरनेट व मोबाइल युवाओं का आकर्षण, पहले देशप्रेम होता था : केसरी

आजादी का अमृत महोत्सव: इंटरनेट व मोबाइल युवाओं का आकर्षण, पहले देशप्रेम होता था : केसरी


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सागर3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज और मकरोनिया कॉलेज में सेमिनार और गोष्ठी का आयोजन

आज का दिन दांडी यात्रा को स्मरण करने का दिन है। आज मोबाइल व इंटरनेट के आकर्षण हैं। तब देश प्रेम हमारा आकर्षण हुआ करता था। अपने जीवन के 61वें वर्ष में गांधीजी ने लगभग 400 किलोमीटर की यात्रा मात्र 25 दिन में करके अंग्रेजों को अपने आत्मबल से परिचित कराया था। यह बात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवशंकर केसरी ने कही। वे आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज में दांडी यात्रा की 92वीं जयंती पर आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों का जुल्म सहने की जिनमें कूबत होती थी। वे ही गांधी के रास्ते पर चलने की हिम्मत दिखा पाए। डॉ. रजनीश जैन ने कहा कि तत्कालीन समय में भारत की मिट्टी में पढ़े-बड़े लोग अंग्रेजों की रणनीति को समझ नहीं पा रहे थे। गांधी जी ब्रिटेन में पढ़े थे अतः उन्होंने ब्रिटिशर की रणनीति को उनकी फ्रिक्वेन्सी पर जाकर समझा।

दांडी यात्रा में नमक को संचार का माध्यम बनाकर उन्होंने परतंत्र भारत का सबसे बड़ा जनआंदोलन खड़ा कर दिया। डॉ. अमर कुमार जैन ने कहा कि गांधी ने दांडी यात्रा की समाप्ति पर अकेला नमक कानून नहीं तोड़ा था। बल्कि अंग्रेजी हुकूमत का गुरूर भी चूर-चूर कर दिया था। 78 लोगों के साथ शुरू इस यात्रा ने गांधीजी को जननायक बना दिया था। जिसकी चर्चा अमेरिका तक में होती थी। डॉ. भरत शुक्ला ने भी अपने विचार रखे।

मकरानिया काॅलेज में गोष्ठी
महोत्सव के तहत शासकीय मकरोनिया काॅलेज में प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के राष्ट्र के लिए उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया गया। जिसे कॉलेज के विद्यार्थियों और शासकीय सेवकों ने आॅनलाइन अपने-अपने मोबाइल पर देखा। इसके बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम विषय पर संगोष्ठी हुई। इसमें महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अजय सिंह ठाकुर ने महात्मा गांधी के दांडी मार्च विषय पर उद्बोधन दिया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दिव्या गुरु ने आजादी के अमृत महोत्सव की विस्तृत व्याख्या कीे।

खबरें और भी हैं…



Source link