गौरी सरोवर में मरी मिलीं मछलियां: दो दिनों से लगातार हो ही मौत, 10 क्विंटल मछलियां निकाली गईं, अफसर बोले- पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई

गौरी सरोवर में मरी मिलीं मछलियां: दो दिनों से लगातार हो ही मौत, 10 क्विंटल मछलियां निकाली गईं, अफसर बोले- पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई


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  • Death Has Been Continuous For Two Days, 10 Quintal Fishes Were Removed, The Officer Said There Is A Lack Of Oxygen In The Water.

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भिंड11 मिनट पहले

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गौरी सरोवर किनारे दो दिनों से मछलियां मरी मिल रही हैं।

  • बदबू से आसपास के लोग हो रहे परेशान

गौरी सरोवर में पिछले दो दिनों से मछलियां की मौत हो रही है। नगर पालिका के अफसरों के मुताबिक तालाब के पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। अब तक करीब 10 क्विंटल से अधिक मछलियां निकाली जा चुकी हैं। नगर पालिका के कर्मचारी गौरी सरोवर की सफाई में जुटे हैं।

शहर की खूबसूरती बढ़ाने वाला गौरी सरोवर में पिछले दो दिनों से मछलियां के मरने का सिलसिला जारी है। बड़ी तादाद में मछलियाें के मरने की खबर से नगर पालिका के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। वहीं, गौरी सरोवर के आस पास रहने वाले लोग इससे उठने वाली दुर्गंध से परेशान हो रहे हैं। बता दें कि तालाब में बड़ी तादाद में तिलापिया मोजांबिका, राेहू, कतला, और मृगला प्रजाति की मछलियां पाई जाती हैं। यह मछलियां शुद्ध पानी में रहती हैं। पानी मे्ं प्रदूषण बढ़ते ही मछलियां दम तोड़ देती हैं। अब तालाब की सफाई के लिए पहले दिन 30 कर्मचारी और दूसरे दिन सोमवार को 70 कर्मचारियों को लगाया गया है।

सरोवर में छोड़ा जाता है नाले का गंदा पानी
गौरी सरोवर में नाले का गंदा पानी छोड़ा जाता है। इसके अलावा तालाब किनारे लगने वाली मीट मंडी का कचरा भी सरोवर में फेंका जाता है। इस कारण हर साल गर्मी आने से पहले या गर्मी के मौसम में हजारों मछलियाें की मौत होती है। इसके बाद भी मामले को रफादफा कर दिया जाता है। अब तक अधिकारियों द्वारा सख्त कदम नहीं उठाए जा सके।

तालाब की स्वच्छता पर नहीं फोकस
तालाब में बढ़ती गंदगी को लेकर नगर पालिका अफसरों का ध्यान नहीं है। शहर का गंदा पानी नाले के माध्यम से तालाब में छोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर, तालाब में पुल का निर्माण होने के कारण पानी का बहाव रोक दिया गया है। इस वजह से गंदा पानी का स्तर बढ़ रहा है, इसलिए ऑक्सीजन की कमी आने से मछलियाें की मौत हो रही है।

मामले की होगी जांच
नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी राजवीर सिंह का कहना है, मछलियों की मौत को लेकर जांच कराई जाएगी। पोस्टमॉर्टम के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा। वहीं, मत्स्य पालन विभाग का दावा है कि मछलियों की मौत की वजह नाले का गंदा पानी आना है। तालाब की साफ सफाई नियमित न होने से हर साल मछलियां मरती हैं।

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