संकट: जुलाई अंत तक सूख जाएगा तिघरा, मानसून समय पर नहीं आया ताे ककैटो-पेहसारी बांध से लेना पड़ेगा 769 एमसीएफटी पानी

संकट: जुलाई अंत तक सूख जाएगा तिघरा, मानसून समय पर नहीं आया ताे ककैटो-पेहसारी बांध से लेना पड़ेगा 769 एमसीएफटी पानी


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ग्वालियर26 मिनट पहले

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  • सप्लाई और बाष्पीकरण के कारण रोज 11 एमसीएफटी पानी कम हाे रहा तिघरा से, गर्मी बढ़ने पर लाॅस बढ़ेगा

शहर काे पीने का पानी देने वाला तिघरा बांध जुलाई के अंत तक खाली होने की आशंका है। तिघरा में अभी 1878 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। इसमें से 250 एमसीएफटी पानी डेडस्टाेरेज है। यानी 1618 एमसीएफटी पानी ही उपयाेग में लिया जा सकता है।

अभी राेज शहर में सप्लाई के लिए 8.50 एमसीएफटी पानी लिया जा रहा है और 2.50 एमसीएफटी पानी तेज धूप के कारण बाष्पीकृत हाेकर उड़ रहा है। गर्मी बढ़ने पर यह नुकसान और बढ़ सकता है। जानकारों का मानना है कि 30 जुलाई तक यानी अगले 135 दिन में करीब 1500 एमसीएफटी पानी सप्लाई और बाष्पीकरण के कारण तिघरा में कम हो जाएगा। यदि बारिश जुलाई में नहीं होती तो अगस्त में पीने का पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।

ऐसे में जिले के बांधाें से पानी शिफ्ट और लिफ्ट करना पड़ेगा। चिंता की बात ये है कि बांधाें में इस बार पानी कम है। ककैटाे बांध से सोमवार काे फसलाें के लिए नहर में पानी छोड़ा जाएगा। 6 दिन में कुल 60 एमसीएफटी इससे निकलेगा। इसके बाद बांध में तिघरा के लिए 769 एमसीएफटी पानी बचेगा, जो 3 साल में सबसे कम है।

2019 में लगभग 1400 एमसीएफटी पानी तिघरा में शिफ्ट किया गया था, जिसमें से 750 एमसीएफटी पानी आया था। जबकि 2020 में 630 एमसीएफटी पानी लिया गया था, लेकिन इस साल बांधाें में जल स्तर कम हाेने से ग्रेविटी से 300 एमसीएफटी पानी ही तिघरा में पहुंचने की संभावना है। यदि इससे ज्यादा पानी की जरूरत पड़ी ताे उसे प्रेशर पंपाें के जरिए लिफ्ट करना पड़ेगा।
4 साल पहले 7.50 कराेड़ रुपए खर्च कर लिफ्ट किया था 900 एमसीएफटी पानी
पिछले चार साल में 2017 में जल संसाधन विभाग काे तिघरा में पानी लिफ्ट करना पड़ा। करीब 7.50 कराेड़ रुपए खर्च कर ककैटाे-पेहसारी से 900 एमसीएफटी पानी लिया गया था। इस साल यदि पानी लिफ्ट करना पड़ा ताे 10 कराेड़ से अधिक खर्च आएगा। लिफ्ट करने के बाद भी तिघरा काे आशा के मुताबिक पानी नहीं मिलेगा, क्याेंकि रास्ते में लीकेज ज्यादा हाे गए हैं। चार साल पहले पानी लिफ्ट करने के दौरान नहर पर पुलिस का पहरा भी लगाया गया था।

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