Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
उज्जैन12 घंटे पहले
दो-दो आदेशों से गहरा रहा है गठजोड़ का शक।
- शक गहराया क्योंकि…. 12.50 लाख रुपए के गबन में कार्यालय सहायक को निलंबित किया, फिर दूसरे आदेश से कार्रवाई भी रोक दी थी
- एई की सफाई- वीडियो पुराना है, बोले- शराब पीना कोई अपराध है क्या?
बिजली कंपनी के वल्लभनगर जोन के अफसर और कर्मचारियों का शराब पार्टी का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कार्यालय में हुए 12.50 लाख के गबन के आरोपी कार्यालय सहायक व सहायक ग्रेड-3 मोतीलाल मेहरा भी शामिल है। पार्टी में जोन प्रभारी एई प्रणेश कुमार तथा जेई व प्रभारी अतिरिक्त तहसीलदार पश्चिम शहर संभाग मनोज जायसवाल तथा जोन का कर्मचारी गौतम श्रोत्रिय भी हैं। शराब के नशे में एई प्रणेश कुमार बहक गए। वे बोल रहे हैं कि जब मैं बैठा हूं तो लॉकडाउन कैसे लग जाएगा, गाली देते हुए लॉकडाउन की तो…। इसका वीडियो वायरल हुआ है, जो 4 दिसंबर को बड़नगर रोड स्थित ढाबे का बताया जा रहा है।
वीडियो में एई के साथ में गबन का आरोपी मोतीलाल मेहरा, जेई मनोज जायसवाल व कर्मचारी गौतम श्रोत्रिय दिखाई दे रहे हैं। एई प्रणेश कुमार लगातार गाली-गलौज कर रहे हैं। वे बोल रहे हैं कि मैंने दोनों मोबाइल मेहरा को दे दिए हैं। कर्मचारी जेई से कह रहा है कि सर रात के 10 बज गए हैं, लॉकडाउन लग जाएगा। इस पर एई गाली देते हुए कह रहे हैं कि जब मैं बैठा हूं तो लॉकडाउन कैसे लग जाएगा। वे लड़खड़ाते हुए चल रहे हैं, उन्हें कर्मचारी संभाल रहा है। कर्मचारी कह रहा है कि सर आप गिर जाएंगे। एई गाली दिए जा रहे हैं। यह वीडियो बिजली कंपनी के अधिकारियों तक भी पहुंचा है।जिसमें जांच की बात कही जा रही है।
वल्लभनगर जोन में हाल ही में नए बिजली कनेक्शन की करीब साढ़े बारह लाख की राशि के गबन का मामला सामने आया है। इसमें कार्यालय सहायक मेहरा ने कनेक्शन की राशि बिजली कंपनी में जमा नहीं की। मामला पकड़ में आने के बाद मेहरा को पहले निलंबित किया गया और फिर बहाल करते हुए बड़नगर के पीरझलार वितरण केंद्र में भेजा गया है। गबन का यही आरोपी जोन के एई व जेई शराब पार्टी करते हुए मिला है।
शराब पीना कोई अपराध है क्या
हम लोगों की भी पर्सनल लाइफ है। शराब पीना कोई अपराध है क्या। पार्टी में गया था, यह पुराना वीडियो है जिसे अब वायरल किया जा रहा है।
– प्रणेश कुमार, एई, वल्लभनगर जोन
गबन के मामले में एई व जेई या कोई और भी लिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शराब पार्टी व्यक्तिगत मामला है, जिसमें विभागीय तौर पर कुछ नहीं कर सकते हैं।
– राजीव पटेल, ईई, बिजली कंपनी