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हाेशंगाबाद5 घंटे पहले
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नगरपालिका ने शहर में स्वच्छता अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं, जाे शहर के मुख्य मार्गों तक ही सीमित है। जमीनी हकीकत में नपा स्वच्छता का काम नहीं कर रही है। नर्मदा तटाें पर जगह जगह गंदगी है। सीढ़ियाें पर काई जमा है। लोग तट पर ही बिना किसी रोक-टोक के खुले में गंदगी करते नजर आ रहे हैं। जबकि सेठानीघाट पर नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद थे। नर्मदा नदी के किनारे वहां आसपास के दुकानदार नदी तट पर शैम्पू, साबुन, पन्नी पाउच काे बेचते हैं। लाेग यहीं से लेकर नर्मदा के किनारे गंदगी करते है।
इन्हें रोकने पालिका के कर्मचारी सामने नहीं आते है। इतना ही नहीं जहां कार्रवाई की जा रही है वहां भी सिंगल यूज पाॅलीथिन काे जब्त नहीं किया जा रहा है। नदी तट पर जिस तरह से कचरा बिखरा हुआ था उससे साफ है वहां महीनों से सफाई नहीं हाेती है। जिससे दुर्गंध उठती रहती है। शहर में ही नर्मदा का तट कई जगह पर एक कचरादान बनाया गया है। जीवनरेखा माने जाने वाली पवित्र नर्मदा नदी मेें इन दिनों लाेग गंदगी डालकर इसे अपवित्र किया जा रहा है। नदी में मंगलवारा और हर्बल पार्क पीछे से शहर की गंदगी मृत मवेशी डाले जा रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन का भी इस ओर ध्यान नहीं है। एतिहासिक नर्मदा नदी में कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, शनि अमावस्या जैसे पवित्र स्नान करने दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा नदी में सैकड़ों लोग प्रतिदिन स्नान करते हैं।
ये हैं इनके जिम्मेदार
नगरपालिका
नपा काम नहीं कर रही है। नदी के किनारे गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नदी के पानी गंदगी डाले जाने से यह दूषित हो रहा है। पर नपा इसकाे लेकर काेई भी प्लान नहीं बना पा रही है।
^गंदगी काे साफ कराया गया जाएगा। घाटाें पर लाेगाें काे भी जागरुक कर रहे हैं ताकि वे गंदगी नहीं करें।
-सुनील तिवारी, स्वास्थ्य अधिकारी