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- Target Assigned To ANM Along With Asha, Anganwadi Worker, Target Set For 30 Thousand Doses In 176 Sessions
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जबलपुरएक घंटा पहले
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- कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की कवायद तेज
- कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही बेड, ऑक्सीजन और लाइफ सपोर्ट सिस्टम फिर से तैयार कर रहे
कोरोना के बढ़ते आंकड़ों से निपटने के लिए वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए माइक्रो लेवल पर प्लान तैयार किया जा रहा है। वैक्सीनेशन में अब आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम की मदद ली जाएगी। इसके लिए टारगेट भी रोज का निर्धारित किया जा रहा है। सब हेल्थ सेंटर से लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल को वैक्सीनेशन का लक्ष्य तय कर दिया गया है। सोमवार को जिले में 176 सेशन आयोजित किए गए हैं। कुल 30 हजार लाेगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है।
जिले में 21 मार्च तक कुल 1024 नए संक्रमित सामने आ चुके हैं। पिछले तीन दिन से संक्रमितों का आंकड़ा 100 से ऊपर आ रहा है। इसे देखते हुए टीकाकरण की नई कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम की मदद लेने की तैयारी की गई है। सभी को वैक्सीनेशन का लक्ष्य भी दिया जाएगा। एक आशा कार्यकर्ता को 10, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 20 और एएनएम को 50 लोगों को रोज वैक्सीन लगाने का लक्ष्य सौंपा गया है। सभी को वैक्सीनेशन सेंटर तक लाने की जिम्मेदारी उनकी रहेगी।
| अस्पताल | वैक्सीन का टार्गेट |
| मेडिकल अस्पताल | 1000 |
| विक्टोरिया जिला अस्पताल | 1000 |
| सिविल हॉस्पिटल | 500 |
| कम्युनिटी हेल्थ सेंटर | 200 |
| प्रायमरी हेल्थ सेंटर | 120 |
| सब हेल्थ सेंटर | 100 |
30 हजार वैक्सीन लगाने का है लक्ष्य
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर शत्रुघ्न दाहिया के मुताबिक सोमवार को जिले में कुल 176 सेशन आयोजित किया गया है। यहां कुल 30 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का टारगेट रखा गया है। अभी 45 से 60 की उम्र वाले गंभीर बीमारी से पीड़ित और 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों को पहला वहीं हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर्स को दूसरा डोज लगाया जा रहा है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 56 तो शहर में 120 सेंटर बनाए गए हैं।
इस तरह से वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं
जिला टीकाकरण अधिकारी के मुताबिक टीका लगाने के लिए आधार कार्ड सहित कोई भी पहचान पत्र लेकर जाना होगा। मोबाइल पर आरोग्य सेतु या कोविन 0.2 एप अपलोड कर सकते हैं। इसमें सेंटर, समय व दिन का चयन आप अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं। शासकीय अस्पतालों में जहां मुफ्त में टीका लग रहा है। वहीं निजी अस्पताल में 150 से 250 रुपए देने होंगे।
संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के बीच ये भी तैयारी
कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच हेल्थ विभाग ने बंद कोविड आइसोलेशन वार्ड शुरू करने के लिए फिर से सुविधाएं शुरू कर दी है। सीएमएचओ डॉक्टर रत्नेश कुररिया के मुताबिक सभी अस्पतालों को कोविड भर्ती के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। पहले की तरह ही गंभीर मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में होगा। यहां सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक फ्लोर में कोरोना संक्रमित और दूसरे फ्लोर काे आइसोलेशन के लिए आरक्षित रखा गया है। नए संक्रमितों की संख्या को देखते हुए रीजनल स्पाइनल इंज्यूरी को भी आइसोलेशन वार्ड के रूप में तैयार किया जा रहा है। इससे 90 ऑक्सीजन बिस्तर उपलब्ध हो जाएंगे।
आइसोलेशन के लिए शहर में ये है इंतजाम
- 186 बेड मेडिकल कॉलेज अस्पताल
- 30 बेड जिला विक्टोरिया अस्पताल
- 30 बेड रेलवे सेंट्रल अस्पताल
- 30 बेड मिलिट्री हॉस्पिटल
- 30 बेड मनमोहननगर सीएससी
कोरोना संक्रमित के इलाज के लिए ये है इंतजाम
- शहर में कुल 1800 ऑक्सीजन बेड
- शहर में कुल 600 आईसीयू बेड
- प्लाज्मा थैरेपी से भी कोरोना के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
- मेडिकल के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए आधुनिक वायरोलॉजी तैयार हुई है।
- मेडिकल में 10-10 लीटर क्षमता के दो ऑक्सीजन टैंक स्थापित किया गया है।
- सेंट्रल लाइन ऑक्सीजन सिस्टम से 1200 बिस्तर जुड़ गए।
- कैंसर अस्पताल का काम पूरा होने से 200 नए बिस्तर भी जुड़ गए।
- मेडिकल कॉलेज में 200 फाउलर बेड, 60 मोटराइज्ड आईसीयू तैयार हो चुका हे।
- मेडिकल में ही मल्टी पैरा मॉनीटर, एबीजी मशीन सहित कई आधुनिक उपकरण लग चुके हैं।
- विक्टोरिया जिला अस्पताल में चार वेंटीलेटर सहित 15बेड का आधुनिक आईसीयू वार्ड तैयार है।
- विक्टोरिया अस्पताल में ही 80 ऑक्सीजन बेड तैयार है।