पन्ना टाइगर रिजर्व में गूंजी किलकारियां: पीटीआर में फिर खुशियां: किशनगढ़ रेंज में पहली बार बाघिन ने जन्मे शावक, अब संख्या 75 हुई

पन्ना टाइगर रिजर्व में गूंजी किलकारियां: पीटीआर में फिर खुशियां: किशनगढ़ रेंज में पहली बार बाघिन ने जन्मे शावक, अब संख्या 75 हुई


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छतरपुर18 घंटे पहले

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पन्ना|किशनगढ़ रेंज में पहली बार बाघिन ने शावकों को जन्म दिए हैं। बाघिन के साथ विचरण करते शावक।

पन्ना टाइगर रिजर्व में एक बार फिर खुशी का और जश्न का माहौल है। यहां की 2 बाघिनों ने 2-2 शावकों को जन्म दिया है। इन नए मेहमानों के कारण पार्क में रौनक आ गई है। छतरपुर जिले की किशनगढ़ रेंज में बाघों की पुनर्वास के बाद पहली बार बाघिन ने शावकों को जन्म दिए हैं।

पीटीआर के ज्वाइंट डायरेक्टर ईश्वर रामहरि जरांडे ने बताया कि सोमवार को कैमरा ट्रेप पद्धति से 4 नए शावक मेहमानों को देखा गया है। जिसमें पन्ना कोर रेंज के रमपुरा के पास 2 शावकों को पी-223(22) ने जन्म दिया है। इस बाघिन की उम्र करीब 3 साल बताई गयी है। वहीं किशुनगढ़ रेंज के अंतर्गत बाघिन पी- 643 ने 2 शावकों को जन्म दिया है।

4 शावकों के जन्म से पार्क में खुशी का माहौल
शावक इन दोनों बाघिनों के साथ चहल कदमी करते हुए देखे गए हैं। जरांडे ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व में अब बाघों की संख्या बढ़कर करीब 75 पहुंच गई है। इन 4 शावकों के जन्म से पार्क में खुशी का माहौल है, पार्क प्रबंधन काफी खुश है।

किशनगढ़ रेंज बनी स्थाई बसेरा
पीटीआर के तहत आने वाली छतरपुर जिले की किशनगढ़ रेंज में बाघ हमेशा घूमते हुए देखे गए हैं। पर अब बाघिन पी-643 ने इस इलाके में ही स्थाई बसेरा बनाकर शावकों को जन्म दिया है।

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