बदनामी पर मां ने दे दी जान: 9 साल के बच्चे के अपहरण में उछला मां का नाम, बदनामी के डर से फांसी लगाकर दे दी जान

बदनामी पर मां ने दे दी जान: 9 साल के बच्चे के अपहरण में उछला मां का नाम, बदनामी के डर से फांसी लगाकर दे दी जान


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ग्वालियर9 मिनट पहले

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  • जनकगंज के हारकोटा सीर की घटना
  • सोमवार को अपहरण और 5 लाख की फिरौती के बाद पकड़े थे 3 अपहरणकर्ता
  • एक अपहरणकर्ता ने बच्चे की मां के कहने पर यह काम करना बताया था

दो दिन पहले 9 साल के बेटे के अपहरण में जब मां का नाम उछला तो उसने बदनामी के डर से खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना हारकोटा सीर जनकगंज में बुधवार सुबह की है। रात से महिला ने खाना भी नहीं खाया था। बुधवार सुबह पति उसे फंदे से उतारकर JAH ट्रॉमा सेंटर से लेकर पहुंचा, यहां डॉक्टर ने उसे बचाने का प्रयास किया। ऑक्सीजन भी लगाया, लेकिन उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने अभी मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है।

जिस समय महिला का पति अस्पताल लेकर पहुंचा उसकी सांस चल रही थी, लेकिन डॉक्टर के उपचार शुरू करने से पहले ही मौत हो गई

जनकगंज थानाक्षेत्र स्थित हारकोटा सीर निवासी 28 वर्षीय प्रियंका पत्नी जीतू उर्फ जितेन्द्र कुशवाह ने बुधवार सुबह फांसी लगाकर जान दे दी है। घटना के समय जीतू बच्चे को तैयार कर स्कूल छोड़ने जा रहा था। बच्चे की परीक्षा चल रही हैं। कुछ सामान उठाने के लिए वह दूसरी मंजिल पर गया तभी प्रियंका ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगा ली। जब पति लौटकर आया तो तत्काल उसने कुंडी तोड़कर प्रियंका को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे। जब उसे फंदे से उतारा तो वह तड़प रही थी। अस्पताल में डॉक्टर ने ऑक्सीजन लगाकर जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही जनकगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। फिलहाल पुलिस खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं कर रही है।

बेटे के अपहरण में उछला थ नाम

दो दिन पहले सोमवार को जनकगंज थानाक्षेत्र स्थित हारकोटा सीर निवासी जीतू उर्फ जितेन्द्र सिंह कुशवाह के 9 वर्षीय बेटे कृष सोमवार दोपहर 3 बजे कोल्डड्रिंक लेने के लिए निकला था। इसके बाद वह घर ही नहीं लौटा। जब काफी देर हो गई तो परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। शाम को जब 7 बजे जब परिजन जनकगंज थाना शिकायत करने जा रहे थे तभी छात्र के पिता पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने सीधे कहा कि अपने इकलौते बेटे को जिंदा देखना चाहता है तो 5 लाख रुपए इंतजाम कर ले। जितेन्द्र ने पुलिस का सूचना दी। पुलिस ने कार्रवाई कर 6 घंटे में बच्चे को मुक्त कराने के बाद अपहरणकर्ता मोहन कुशवाह उर्फ मोनू 60 वर्षीय किशन पाल और दामोदर कुशवाह को हिरासत में लियाहै। इसमें किशनपाल को SAF से रिटायर्ड जवान बताया गया है। अपहरण का मास्टर माइंड दामोदर था। मंगलवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया गया था। मोनू और दामोदर को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। दामोदर ने बच्चे की मां के कहने पर अपहरण करने की बात कही थी। पर पुलिस ने जब छानबीन की तो उस बात में दम नहीं मिली। पर बेटे के अपहरण में नाम उछलने और बदनामी से प्रियंका खुद को बेइज्जत महसूस कर रही थी। मंगलवार रात से उसने खाना भी नहीं खाया था। बुधवार सुबह यह कदम उठा लिया।

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