ऋषभ पंत ने दूसरे वनडे में 77 रन बनाए. (फोटो-ऋषभ पंत इंस्टाग्राम)
दूसरे वनडे (India vs England) में एक बार भी फिर अंपायर के निर्णय को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस कारण टीम इंडिया और ऋषभ पंत को चार रन का नुकसान हुआ.
भारतीय पारी के 40वें ओवर की अंतिम गेंद पर तेज गेंदबाज टॉम करेन पर ऋषभ पंत ने रिवर्स स्कूप खेला. लेकिन गेंद बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगकर विकेट के पीछे बाउंड्री पर चली गई. टॉम करेन ने इस दौरान अपील की. अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने पंत को एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया. ऋषभ पंत ने अंपायर के फैसले के खिलाफ डीआरएस लिया. रिप्ले में साफ था कि गेंद बल्ले से लगकर ही गई थी. थर्ड अंपायर ने पंत को नॉट आउट दिया. लेकिन पंत को चार रन नहीं मिले और गेंद डेड हो गई.
आईसीसी के नियम के अनुसार, अंपायर अगर किसी गेंद पर खिलाड़ी को आउट दे देता है तो वह गेंद डेड हो जाती है. फिर उस पर बनने वाले रन मान्य नहीं होते हैं. लेकिन मैच के दाैरान इस घटना के बाद एक बार फिर पूर्व खिलाड़ियों ने आईसीसी के नियम को लेकर सवाल उठाए हैं.
आकाश चोपड़ा का ट्वीट.
पूर्व भारतीय खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अंपायर की गलती के कारण ऋषभ पंत को चार रन गंवाना पड़ा. इसे करोड़ों बार दोहराया जा चुका है. अगर वर्ल्ड कप के फाइनल में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के साथ ऐसा होता है और जीतने के लिए 2 रन बनाने हों. सोचो, सोचो…’. इस मैच में ऋषभ पंत ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने महज 28 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने 40 गेंद पर तीन चौके और सात छक्के की मदद से 77 रन बनाए. यह उनके वनडे करियर की सबसे बड़ी पारी भी है.
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कप्तान विराट ने कहा था- नियम बनाने वालों को देखना चाहिए
वनडे सीरीज के पहले कप्तान विराट कोहली ने अंपायर्स कॉल और सॉफ्ट सिग्नल पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि अगर गेंद विकेट पर लगती है तो इस हालात में बल्लेबाज को आउट दिया जाना चाहिए. इसमें किसी तरह की बहस नहीं होनी चाहिए. भले ही उसे मैदानी अंपायर ने नॉट आउट दिया हो. इसके अलावा सॉफ्ट सिग्नल पर उन्होंने कहा था कि इसमें बदलाव होना चाहिए. चाैथे टी20 में सूर्यकुमार यादव और वॉशिंगटन सुंदर को सॉफ्ट सिग्नल के तहत आउट दिया गया था, क्योंकि मैदानी अंपायर ने उन्हें आउट दिया था. ऐसे में तीसरे अंपायर को यह निर्णय बदलने के लिए ठोस कारण चाहिए था.