Video : राजस्थान के युवक ने बिना ड्राइवर के चलने वाला ट्रैक्टर बनाया, किसानों को होंगे इससे कई फायदे

Video : राजस्थान के युवक ने बिना ड्राइवर के चलने वाला ट्रैक्टर बनाया, किसानों को होंगे इससे कई फायदे


बिना ड्राइवर के चलने वाला ट्रैक्टर.

इस प्रयोग के बाद किसानों को अब ट्रैक्टर चलाने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता नहीं होगी. जिससे किसानों के पैसे तो बचेंगे ही साथ में उनका समय भी बचेगा.

नई दिल्ली. आपने अभी तक बिना ड्राइवर के चलने वाली कारों के बारे में सुना होगा. जो कि अभी कारखानों में विकसित की जा रही है. लेकिन राजस्थान के बारॉ शहर के रहने वाले 19 साल के युवक ने बिना ड्राइवर के चलने वाला ट्रैक्टर बना लिया है और ये ट्रैक्टर खेतों में बखूबी ड्राइवर वाले ट्रैक्टर की तरह काम भी करता हैं. आइए जानते है बारॉ शहर के रहने वाले योगेश ने कैसे इस ट्रैक्टर को बनाया..

ऐसे आया बिना ड्राइवर चलने वाले ट्रैक्टर का आइडिया- योगेश ने बताया कि, वह BSC प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे. तभी अचानक उनके पिता की तबीयत खराब हुई और उन्होंने खेती के काम के लिए उन्हें गांव बुला लिया. इस दौरान योगेश ने 2 महीने तक खेतों में ट्रैक्टर से काम किया. जिसके बाद योगेश को आइडिया आया कि, क्यों न बिना ड्राइवर चलने वाला ट्रैक्टर बनाया जाए. जो कि केवल एक रिमोट से कंट्रोल हो सके.

2 हजार रुपये की राशि से शुरू किया प्रयोग- योगेश के अनुसार जब उन्होंने अपने पिता को इसके बारे में बताया. तो उन्होंने योगेश को 2 हजार रुपये दिए और कहा- पहले एक बार दिखाओं कि ट्रैक्टर कैसे काम करेगा. जिसके बाद ही इस प्रयोग पर ज्यादा पैसे खर्च किए जा सकेंगे. योगेश ने 2 हजार रुपये की मदद से कुछ उपकरण खरीदे और ट्रैक्टर को रिमोट से आगे-पीछे चलाकर अपने पिता को दिखाया.

यह भी पढ़ें: Video: गर्मी के मौसम में ये गैजेट देगा राहत, बाइकर्स के हेलमेट को रखेगा ठंडा-ठंडा कूल

रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर बनाया रिमोट – जब पहले प्रयोग में योगेश पास हो गए तो उनके पिता ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर 50 हजार रुपये की राशि इकट्ठा करके योगेश को दी. जिसके जरिए योगेश ने बिना ड्राइवर चलने वाला ट्रैक्टर बना डाला.

यह भी पढ़ें: Video: पटियाला के इस शख्स ने रॉयल एनफील्ड पर दिखाए ऐसे करतब कि दांतों तले उंगली दबा जाएंगे आप

इससे होगा किसानों को ये फायदा- इस प्रयोग के बाद किसानों को अब ट्रैक्टर चलाने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता नहीं होगी. जिससे किसानों के पैसे तो बचेंगे ही साथ में उनका समय भी बचेगा.









Source link