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दौनियापुरा4 मिनट पहले
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- गौरतलब है कि वर्ष 2015 में सुनारपुरा से पिपाहड़ी तक डामर रोड का निर्माण हुआ था
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा पांच साल पहले सुनारपुरा से पिपाहड़ी तक तक बनाई गई 15 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले तीन साल से जर्जर है। ओवर लोड वाहनों के निकलने से खस्ता हुई सड़क की मरम्मत के लिए कई बार ग्रामीणों के द्वारा विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया पर किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली। स्थिति यह है कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बुधवार को ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से रोड की मरम्मत कराने की मांग करते हुए कहा है कि अगर पैचवर्क का काम जल्द शुरू नहीं होता है तो हमारे द्वारा धरना दिया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में सुनारपुरा से पिपाहड़ी तक डामर रोड का निर्माण हुआ था, लेकिन समय-समय पर रोड का मेंटेनेंस नहीं किए जाने से सड़क अब पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। खास बात तो यह है कि पिछले तीन साल में ग्रामीण अधिकारियों को 15 से 20 बार लिखित में आवेदन देकर सड़क पर मरम्मत कराने की मांग कर चुके हैं। ग्रामीण संजू सिंह भदौरिया, राहुल जैन, संदीप सिंह भदौरिया, गिर्राज सिंह गुर्जर आदि का कहना है कि सुनारपुरा से पिपाहड़ी तक का मार्ग सबसे अधिक मानहड़ गांव के पास जर्जर है। गांव से निकले इस मार्ग पर डामर की परत उखड़ जाने से यह मार्ग कच्ची सड़क में तब्दील हो गई है। रोड पर बिछी गिट्टी डामर के उखड़ने से रोड पर जगह-जगह फैली हुई है।