नई दिल्ली: वेस्टइंडीज (West Indies) दुनिया की इकलौती टीम है जिसने वनडे और टी-20 फॉर्मेट में पुरुष वर्ल्ड कप (World Cup) दो-दो बार जीता है. आज से ठीक 5 साल पहले यानी 3 अप्रैल 2016 को कैरेबियाई टीम डैरेन सैमी (Darren Sammy) की कप्तानी में दूसरी बार टी-20 की वर्ल्ड चैंपियन बनी थी.
कोलकाता में फाइनल मैच
कोलकाता (Kolkata) के ईडन गार्डन्स (Eden Gardens) में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड (England) की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 155 रन बनाए. अंग्रेजों की तरफ से जो रूट (Joe Root) ने सबसे ज्यादा 54 रन की पारी खेली. रूट के अलावा कोई इंग्लिश बल्लेबाज फिफ्टी नहीं लगा सका.
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मार्लोन सैमुअल्स ने दिखाया दम
वेस्टइंडीज को 156 रन का लक्ष्य बेहद आसान सा नजर आ रहा था, लेकिन इंग्लैंड ने कैरेबियाई टीम के पसीने छुड़ा दिए. जो रूट ने विंडीज के पहले 2 विकेट महज 5 रन के स्कोर पर ही झटक लिए. इसके बाद मार्लोन सैमुअल्स (Marlon Samuels) ने धमाकेदार पारी खेलते हुए 66 गेंदों में 85 रन बनाए और वेस्टइंडीज को थोड़ी राहत दी.
कार्लोस ब्रेथवेट का 6,6,6,6
वेस्टइंडीज को आखिरी ओवर में जीत के लिए 19 रनों की जरूरत थी. इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने काफी भरोसे के साथ बेन स्टोक्स को गेंद थमाई. ऐसा लग रहा था कि स्टोक्स कैरेबाई टीम को रोकने में कामयाब रहेंगे. लेकिन कार्लोस ब्रेथवेट अलग ही मूड में थे. उन्होंने ओवर की पहली ही 4 गेंदों पर लगातार 4 छक्के जड़कर विंडीज को दूसरी बार टी-20 क्रिकेट का चैंपियन बना दिया.
#OnThisDay in 2016, West Indies became double @T20WorldCup champions!
They first beat by eight wickets in the women’s final, before the men trumped by four wickets in a finale which has been quoted many times since pic.twitter.com/qDW4WkpwtC
— ICC (@ICC) April 2, 2020
ब्रेथवेट के सिक्स ने दिलाई धोनी की याद
मैच आखिरी ओवर में कार्लोस ब्रेथवेट (Carlos Brathwaite) से इतनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की उम्मीद किसी को नहीं थी क्योंकि पूरे वर्ल्ड कप में उनका बल्ला खामोश रहा था. ब्रेथवेट के ये छ्क्के उसी तरह अमर हो गए जैसे वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में एमएस धोनी (MS Dhoni) का छ्क्का क्रिकेट की दुनिया में यादगार बन गया.
स्टोक्स बने इंग्लैंड के विलेन
बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने भले ही अपने करियर में इंग्लैंड को कई शानदार कामयाबी दिलाई है, लेकिन इस मैच वो अपनी टीम के विलेन बन गए. वो कार्लोस ब्रेथवेट (Carlos Brathwaite) की आंधी को रोकने में नाकाम रहे. इसके साथ ही इंग्लिश टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) जीतने का सुनहरा मौका गंवा दिया.