भ्रम दूर करने की कोशिश: एक्सपर्ट बोले – वैक्सीन संक्रमण से बचाएगी, दोनों डोज लेने पर पॉजिटिव भी हुए तो अस्पताल में भर्ती होने की नहीं आएगी नौबत

भ्रम दूर करने की कोशिश: एक्सपर्ट बोले – वैक्सीन संक्रमण से बचाएगी, दोनों डोज लेने पर पॉजिटिव भी हुए तो अस्पताल में भर्ती होने की नहीं आएगी नौबत


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इंदौरएक मिनट पहले

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मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित, डॉ. सलिल भार्गव, डॉ. वीपी पांडे और डॉ. हेमंत जैन ने वैक्सीन के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब दिए। 

  • संभागायुक्त ने वैक्सीन को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिए डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम गठित की

कोरोना से बचाव का सिर्फ और सिर्फ एक ही कारगर उपाय है, वह है वैक्सीनेशन। यदि आपने कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं। इसके बाद आप संक्रमित भी हो जाते हैं, तो आप इतने गंभीर नहीं होंगे कि आपको अस्पताल जाने की नाैबत आएगी। यह बात शनिवार को संभागायुक्त द्वारा कोरोना वैक्सीन को लेकर फैल रहे भ्रम दूर करने के लिए गठित डॉक्टरों की विशेष टीम ने कही। डॉक्टरों की टीम ने कहा, वैक्सीन कोरोना में 80 फीसदी असर कारक है। चाहे फिर वह कोवीशील्ड हो या कोवैक्सिन।

वैक्सीन को लेकर यह कहा टीम ने…

  • विशेषज्ञों ने बताया, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने वैक्सीनेशन के लिए कोवीशील्ड और कोवैक्सिन दोनों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। कोवीशील्ड के पहले डोज लगवाने के 6 से 8 सप्ताह के अंतराल के बाद दूसरा डोज और कोवैक्सिन के पहले डोज लगवाने के 4 सप्ताह के अंतराल के बाद दूसरा डोज लगवाया जा सकता है। दोनों में से किसी भी वैक्सीन का प्रयोग संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षित है।
  • वैक्सीन के दूसरे डोज के पश्चात 2 से 3 सप्ताह में कोविड के विरुद्ध एंटीबॉडी निर्मित हो जाती हैं। वैक्सीन लगवाने के बाद यदि किसी को संक्रमण होता भी है, तो संबंधित मरीज की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर नहीं होती है और ना ही इंफेक्शन मरीज के फेफड़ों को प्रभावित करता है।
  • यदि किसी को पहले ही इंफेक्शन हो चुका है, तो वे भी रिकवरी के 4 से 8 सप्ताह बाद वैक्सीनेशन अवश्य करवाएं। उन्होंने बताया, वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों में साइड इफेक्ट नहीं पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कोविड का स्थाई इलाज वैक्सीनेशन है, लेकिन तत्कालिक बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
  • संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा की पहल पर शनिवार को डॉक्टरों की विशेष टीम ने वैक्सीन के संबंध में कई अहम जानकारियां दी। सांसद शंकर लालवानी ने कहा, यह अच्छा प्रयास है, जिससे विशेषज्ञों द्वारा वैक्सीन से संबंधित शंका का सामाधान किया जा रहा है। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित, डॉ. सलिल भार्गव, डॉ. वीपी पांडे और डॉ. हेमंत जैन ने वैक्सीन के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब दिए।

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