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- Shivraj Singh Chouhan | MP CM Shivraj Singh Chouhan On Employment Opportunities In Madhya Pradesh
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भोपाल7 मिनट पहले
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शिवराज ने कहा कि हर साल 12 लाख रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। अगले तीन साल में हर घर में नल से पानी पहुंचेगा।
- राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अत्याधुनिक सेक्स सॉरटेड सीमन प्रोडक्शन प्रयोगशाला का शुभारंभ किया
मध्यप्रदेश में हर महीने एक लाख रोजगार के अवसर होंगे। हर साल 12 लाख रोजगार के अवसर प्रदेश में बनाए जाएंगे। हम प्रयास करेंगे कि सरकारी विभागों में भी रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। यह बात आज भोपाल में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अत्याधुनिक सेक्स सॉरटेड सीमन प्रोडक्शन प्रयोगशाला का शुभारंभ करने के दौरान शिवराज ने कही।
उन्होंने कहा कि देश की यह दूसरी बड़ी प्रयोगशाला केंद्रीय वीर्य संस्थान भदभदा में स्थापित की गई है। 47 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से स्थापित होने वाली इस परियोजना की लागत में 60% केंद्रांश और 40% राज्यांश शामिल है। सरकारी नौकरी के अलावा भी कुछ रोजगार खड़े करना है।
शिवराज ने कहा कि हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने की योजना है। तीन साल में यह पूरा होगा। हर किसी का खुद का घर हो। हर बेटा-बेटी की पढ़ाई निशुल्क हो। बेटी बोझ न मानी जाए। यही हमारा संकल्प है। सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार और समाज साथ मिल जाए, जो आत्म निर्भर मध्यप्रदेश बन जाएगा।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाएंगे यही हमारा संकल्प है। कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है। हमें छोटे कार्यक्रम करना होगा। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। मास्क लगाएं। मैं रोज पेड़ लगाता हूं। आप कम से कम साल में एक बार पौधा लगाएं। प्रदेश में नशे को खत्म करना है।
बेटी के साथ अन्याय न हो। उसे भी बराबरी का हक दें। सरकार सभी के विकास के लिए काम कर रहे हैं। पहले कहते थे कि सब गुड़ गोबर हो गया, लेकिन अब देखो सब गोबर से ही बन रहा है। किताब भी गोबर से बनाई गई है। यह कुछ चीजें मिलाकर बनाई गई है। यह कभी मैंने सोचा नहीं था। बनाने वाले धन्य हो।
उच्च नस्ल की 90% बछियों का होगा उत्पादन
भोपाल के केन्द्रीय वीर्य संस्थान में सेक्स सॉरटेड सीमन फेसिलिटी परियोजना में निकट भविष्य में प्रदेश में गिर, साहीवाल, थारपारकर गाय और मुर्रा भैंसों आदि उच्च अनुवांशिक गुणवत्ता की 90% बछिया ही पैदा होंगी। बछियों की संख्या अधिक होने से दूध उत्पादन में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होगी और निराश्रित बछड़ों की संख्या भी नहीं बढ़ेगी।
उच्च गुणवत्ता के दुधारु पशु मिलने से किसानों को अधिक मात्रा में दूध मिलेगा और उनकी आमदनी में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी होगी। दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने की रफ्तार बढ़ जाएगी। पहली प्रयोगशाला उत्तराखण्ड के ऋषिकेश में स्थापित की गई है।
मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम और सर्विस प्रोवाइडर कम्पनी के मध्य हुए अनुबंध के अनुसार शुरू के 3 सालों में क्रमश: 3-3 और 2 लाख सीमन डोजेज का उत्पादन कर पशुपालकों को उपलब्ध कराया जाएगा।