सिर्फ 5 दिनों में मिले करीब 1 हजार नए संक्रमित: कोरोना काल के सबसे ज्यादा सक्रिय केस, 15 सौ के पार पहुँचा आँकड़ा, हालात चिंताजनक

सिर्फ 5 दिनों में मिले करीब 1 हजार नए संक्रमित: कोरोना काल के सबसे ज्यादा सक्रिय केस, 15 सौ के पार पहुँचा आँकड़ा, हालात चिंताजनक


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जबलपुर5 मिनट पहले

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  • कुल मरीजों की संख्या हुई 20 हजार के पार, होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के दावों और हकीकत में भी दिख रहा अंतर

लगतार रिकॉर्ड बना रहा कोरोना संक्रमण रविवार को एक और नए स्तर पर पहुँच गया। पिछले साल मार्च के महीने में कोरोना की दस्तक के बाद 22 सितंबर को सबसे ज्यादा एक्टिस केस की संख्या 1446 पहुँची थी और अब 6 महीने बाद यह रिकॉर्ड भी टूट गया है। रविवार को जिले में एक्टिस केसेस की संख्या 1519 पर पहुँच गई, जो पूरे कोरोना काल में सर्वाधिक है।

वहीं एक बार फिर इस साल के एक दिन में सबसे ज्यादा 236 नए संक्रमित मिले हैं। जिसके बाद जिले में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 20 हजार के आँकड़े को पार गई है। गौर करने वाली बात है कि 1 हजार नए मरीज पिछले 5 दिनाें में ही मिले हैं। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे जोर-शोर से जुटी हैं, ताकि संक्रमण की दर को कम किया जा सके। विभाग का दावा है कि नए संक्रमितों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है, वहीं होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से दिन में 2 बार वीडियाे कॉलिंग के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है, हालाँकि इस बात में कितनी सच्चाई है इस पर संशय है।

पिछले साल के हाल
6 सितंबर 5000
30 सितंबर 10000
15 अक्टूबर 12000
26 नवंबर 14000
17 दिसंबर 15000
इस वर्ष की रफ्तार
15 जनवरी 16000
13 मार्च 17000
24 मार्च 18000
30 मार्च 19000
4 अप्रैल 20000
सावधान – खतरा बढ़ता जा रहा, नागरिकों को भी दिखानी होगी जिम्मेदारी

मौतों के आँकड़े छिपा रहा प्रशासन!

चौहानी मुक्तिधाम में रोजना 12 से 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इनमें कोरोना संक्रमित और संदिग्ध शामिल हैं। वहीं प्रशासनिक आँकड़ों में पिछले 15 दिनों में किसी भी दिन 2 से ज्यादा मौतें नहीं दिखाई गईं। लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में कोरोना पीड़ित या संदिग्ध की मृत्यु होने के बाद बॉडी 6-6 घंटे अस्पताल से बाहर नहीं आती है। जिसके चलते परिजनों को कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार करने इंतजार करना पड़ रहा है।

आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है स्थिति
जिले में 15 जनवरी के बाद नए एक हजार मरीज मिलने में दो माह लगे थे और 13 मार्च को 17 हजार का आँकड़ा छुआ था। इसके बाद अगले 1 हजार मरीज 11 दिनों में मिले। इसके बाद 1 हजार मरीज 6 दिनों में और इसके बाद के 1 हजार मरीज मात्र 5 दिनों में ही मिल गए। आँकड़े बता रहे हैं आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है।
निजी लैब में जाँच तो कॉल नहीं
कई मरीज ऐसे भी हैं, जिन्होंने निजी लैब से कोरोना की जाँच कराई और संक्रमित पाए जाने पर होम आइसोलेशन में रहे, लेकिन एक बार भी कंट्रोल-रूम से कॉल नहीं आया। जबकि यह नियमों के खिलाफ है।
4 दिन तक नहीं मिलती रिपोर्ट
कोरोना सैंपल देने के बाद मरीजों को रिपोर्ट 4 से 5 दिन बाद मिल रही है। ऐसे में व्यक्ति रिपोर्ट आने तक अन्य लोगों से मिलता जुलता रहता है और अगर संक्रमित हुआ तो अन्य संपर्क में आए लोगों को संक्रमित करता है।

होम क्वारंटाइन के नियम तोड़ने वालों की करें शिकायत
अब होम क्वारंटाइन के नियमों को तोड़ने वालों की शिकायत आम नागरिक भी कर सकेंगे। इसके लिए संभागायुक्त बी चंद्रशेखर, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और निगमायुक्त संदीप जीआर ने संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आम नागरिकों के लिए सूचना देने की व्यवस्था की है।

इसके अंतर्गत अब आम नागरिक भी होम क्वॉरंटाइन के नियमों का उल्लंघन करने वालों की सूचना कोविड कंट्रोल सेंटर दमोहनाका के हेल्पलाइन नंबर 0761 2637500, 2637501, 502, 503, 504 और 505 पर दे सकते हैं। सूचना प्राप्त होते ही प्रशासन की टीमों के द्वारा संबंधित स्थलों पर जाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों को समझाइश देकर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।पी-3
काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग हो रही है

  • नए मरीजों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। होम आइसोलेशन के मरीजों को 10 दिनों के बाद ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। इस वक्त करीब 70 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में हैं। – डॉ. रत्नेश कुरारिया, सीएमएचओ

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