कोरोना में कहर: पौधा तो पांच फीट तक बढ़ गया लेकिन गाजर एक भी नहीं लगी, खराब बीज के चलते चौपट हो गई फसल

कोरोना में कहर: पौधा तो पांच फीट तक बढ़ गया लेकिन गाजर एक भी नहीं लगी, खराब बीज के चलते चौपट हो गई फसल


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  • The Plant Has Grown To Five Feet But The Carrot Has Not Been Planted, Due To The Bad Seed, The Crop Is Destroyed.

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गुना9 मिनट पहले

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फसल बताता किसान 

जहां एक तरफ पिछले एक वर्ष से कोरोना के कारण अधिकतर व्यापार ठप पड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर फसलों में हुए नुकसान ने किसानों को परेशान कर दिया है। जिले में एक किसान के उस समय होश फाख्ता हो गए जब उसके द्वारा लगाई गई गाजर की फसल के पौधे तो 5 फीट तक बढ़ गए, परंतु उनमे गाजर नहीं लगी।

स्थानीय पुरानी छावनी निवासी 55 वर्षीय लालाराम कुशवाह के पास एक बीघा जमीन है। इसी जमीन से पूरे परिवार का गुजारा करते है। उनके दो बेटे एक दुकान में काम करते थे। कोरोना काल में दुकान से उनकी नौकरी छूट गई। वे दोनों भी अब बेरोजगार हैं। 3 माह पूर्व लालाराम ने आधे बीघा में गाजर की फसल लगाई। हाट रोड स्थित एक कृषि सेवा केंद्र से उन्होंने 800 रुपए किलो की कीमत पर गाजर का बीज लिया। फसल की लागत 15 हजार रुपए बैठी। शुरुआत में पौधों की लंबाई बढ़ती देख उन्हें काफी खुशी हुई कि इस बार फसल काफी अच्छी होगी।

उनकी खुशी तब मायूसी में बदल गई, जब पौधों की लंबाई तो काफी बढ़ी, लेकिन उसमें गाजर नहीं लगी। हैरानी की बात है कि आम तौर पर गाजर के पौधे की लंबाई डेढ़ से दो फीट तक होती है, लेकिन लालाराम के खेत में यह पौधे करीब साढ़े पांच फीट तक बढ़ गए। पौधे तो बढ़ गए लेकिन उनमें गाजर नहीं लगी। इससे किसान की सारी उम्मीदें धरी रह गईं। किसान ने फसल को अच्छे से पानी मिले, इसके लिए पैसे उधार लेकर पाइपलाइन भी डलवाई। वहीं जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए पूरे खेत की तार फेंसिंग भी कराई थी।

बीज खराब होने से नहीं हुई फसल

इस फसल के खराब होने का कारण नकली बीज रहा। जो बीज लालाराम ने लगाया वो खराब निकला। इस कारण पौधे की लंबाई तो काफी बढ़ी, लेकिन उसमें गाजर नहीं लगी। लालाराम ने जहां से बीज लिया था उससे संपर्क भी किया, लेकिन उसने दुत्कार कर भाग दिया।

लालाराम ने बताया कि मैंने बहुत मेहनत करके इस बार फसल लगाई थी। एक लाख रुपए की फसल होने की उम्मीद थी। बराबर पानी दिया और खाद भी डाला था। फसल की लंबाई तो खूब बढ़ी, लेकिन उसमें गाजर नहीं लगी। बीज खराब होने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। अब इस फसल का मैं क्या करूंगा। एक रुपए की गाजर भी नहीं निकली। उधार ले रखा है वो कैसे चुका पाऊंगा।

कृषि सेवा केंद्र दुकान संचालक ने कहा कि अधिकतर बीज बंद पैकेट में आते हैं। ऊपर से ही बीज में कोई खराबी आई होगी। और भी कई लोगों को यही बीज दिया है पर उनकी तरफ से किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली। जब इन्होंने शिकायत की तो कंपनी को हमने सैंपल भेज दिया है।

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