कोविड कमांड सेंटर से आंखोंदेखी: गुना में 132 मरीज होम आइसोलेशन में; ऑनलाइन फीडबैक और परामर्श के लिए दोगुना करना पड़ा स्टाफ

कोविड कमांड सेंटर से आंखोंदेखी: गुना में 132 मरीज होम आइसोलेशन में; ऑनलाइन फीडबैक और परामर्श के लिए दोगुना करना पड़ा स्टाफ


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गुना22 मिनट पहले

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  • पहले केवल डॉक्टर और ऑपरेटर रहते थे, अब हर शिफ्ट में दो नर्सें भी रहेंगी कमांड सेंटर में

गुना का कोविड कमांड सेंटर..। यहां से जिलेभर में होम आइसोलेट चल रहे मरीजों का फीडबैक ले रहे हैं, परामर्श दे रहे हैं। गुना में पहली बार 70 नए केस सामने आए हैं तो होम आइसोलेट मरीजों की संख्या भी बढ़कर 132 तक पहुंच गई है। इसके चलते रविवार से यहां भी स्टाफ दोगुना करना पड़ा। अब सेंटर पर हर शिफ्ट में एक डॉक्टर, एक ऑपरेटर के साथ दो नर्सें भी रहेंगी। कुल दो शिफ्ट में यह काम हो रहा है। तीसरी शिफ्ट रात में केवल एक डॉक्टर रहेंगे।

गुना जिले में संक्रमण 10 प्रतिशत पार कर गई है। रिकवरी रेट घट गया है। जिला चिकित्सालय में कोविड कमांड सेंटर बनाया गया है। रविवार को भास्कर ने इस कंट्रोल सेंटर का हाल जाना। अभी जानकारी जुटाने के लिए कंट्रोल सेंटर में एक शिफ्ट में एक डॉक्टर व एक ऑपरेटर की ड्यूटी लगी थी। यह सेंटर तीन शिफ्ट में काम कर रहा है। यह अमला सेंटर पर आने वाले जनता के सवालों को सुनता है। इसके लिए पूर्व में ही हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था। जो मरीज होम आइसोलेट हैं उनसे भी यह अमला निरंतर संपर्क में रहता है। भास्कर की टीम जब पहुंची तो आयुष मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर नरेश धाकड़ वहां ड्यूटी दे रहे थे। उन्होंने बताया की रोजाना 100 से अधिक कॉल नागरिकों के आते हैं जिनमें वैक्सीन संबंधी, कोरोना की जांच संबंधी सवाल होते हैं।

मरीजों का तापमान, ऑक्सीजन लेवल चेक कराते हैं

होम आइसोलेट मरीजों के भी स्वास्थ्य से जुड़े कॉल आते हैं। होम आइसोलेट मरीजों से अमला दिन में एक बार वीडियो कॉल पर उनकी जांच करता है। टेम्परेचर, ऑक्सीजन लेवल चेक कराया जाता है। अगर सामान्य से ऊपर ये होता है तो मरीज को चिकित्सालय में भर्ती होने की सलाह दी जाती है। साथ ही बुखार , जुखाम , खांसी संबंधी जानकारी भी ली जाती है। मरीज होम आइसोलेट होता है उसे पहले ही दिन 10 दिन की दवाइयां भिजवाई जाई हैं।
रविवार से बढ़ाया अमला
कंट्रोल सेंटर में उपस्थित डॉक्टर ने बताया कि मरीजों कि बढ़ती संख्या को देखते हुए अमले में बढ़ोतरी कि गयी है। एक डॉक्टर , एक ऑपरेटर के साथ दो नर्सिंग स्टाफ कि भी ड्यूटी लगायी गयी है। सुबह और शाम कि शिफ्ट में चार-चार लोगों का अमला काम करेगा। वहीँ रात में केवल एक डॉक्टर अपनी सेवाएं देंगे।

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