मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्कूल संचालकों को नहीं लगता कि कोरोना जैसी कोई महामारी भी है.
Madhya Pradesh Mandsaur: यहां के स्कूल नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. हमारे चैनल की टीम ने जांच की. स्कूल खुले भी और बिना कोविड-19 गाइडलाइन करते हुए क्लास भी लगाई.
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April 16, 2021, 8:32 AM IST
दरअसल, News 18 की टीम खिलचीपुरा पहुंची तो देखा कि जमजम स्कूल खुला हुआ है. टीम ने माजरा जानने की कोशिश की तो पता चला कि बाकायदा बच्चों को स्कूल बुलाकर क्लास लगाई जा रही है. इस मामले पर स्कूल संचालिका सुनीता का तर्क ने दिया कि बच्चे WhatsApp पर नहीं पढ़ सकते इसलिए इनको यहां पर बुलाकर पढ़ाया जा रहा है. जब उनसे पूछा गया कि आपने स्कूल क्यों खोला, तो वह माफी मांगने लगीं.
कोविड-19 के नियमों का उड़ाया जा रहा मखौल
इस खबर का कवरेज कर जब News 18 की टीम लौट रही थी तभी रास्ते में बच्चों से भरा हुआ एक ओवरलोड टेंपो दिखा. टीम ने टेंपो का पीछा किया तो पता चला कि टेंपो निजी स्कूल नोबल पब्लिक स्कूल का है. यहां भी कोविड-19 के नियमों का मखौल उड़ाया जा रहा था और शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. इस बीच स्कूल के संचालक कैमरा देख घबरा गए और बार-बार कैमरा बंद करने की बोलने लगे. उनका तर्क था कि 9वीं क्लास के बच्चे हैं और इन्हें एग्जाम के लिए बुलाया है. एग्जाम के लिए बुलाना नियमों का तोड़ना नहीं है.स्कूलों ने गलत किया, कार्रवाई होगी- DEO
इधर जब जिला शिक्षा अधिकारी आरएल कारपेंटर से इस मसले पर बात की गई तो उन्होंने कहा- किसी भी सूरत में बच्चों को स्कूल बुलाने का कोई नियम नहीं है. अगर एग्जाम भी लेनी है तो वह ऑनलाइन ली जाएगी या फिर बच्चों से घर पर ही एग्जाम करवाई जाएगी. ऐसा कोई नियम नहीं है कि बच्चों को स्कूल बुलाया जाए. अगर स्कूल संचालक ऐसा कर रहे हैं तो गलत है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.