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- The Extravagant Expenses Incurred At The Wedding Were Reduced, People In The Mood To Do The Marriage Program From Home, Marriage Garden, Catering And Confectionery Business Collapsed.
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भिंड13 मिनट पहले
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प्रतीकात्मक फोटो।
भिंड जिले में कोरोना की वजह से शादी विवाह जैसे कार्यक्रमों के लिए शासन द्वारा गाइडलाइन बनाई गई है। लोगों की भीड़ को कंट्रोल रखते हुए सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे। यह गाइडलाइन ने आयोजकों की भारी भरकम खर्च के बोझ की बचत करा दी। आयोजन कर्ता अब मैरिज गार्डनों अन्य सभी बुकिंग निरस्त कर रहे हैं। इस वजह से सहालग के सीजन में कोरोना ने मैरिज गार्डन, हलवाई, बैंड बाजे, आतिशबाजी आदि का व्यापार चौपट हो गया है।
भिंड के रामशंकर के घर 27 अप्रैल को लड़की की शादी है। शादी को लेकर शहर का एक गार्डन की बुकिंग 1 लाख 10 हजार में की थी। वहीं दो हजार लोगों के भोजन तैयार कराने को लेकर 30 हजार रुपए में हलवाई को बुक किया था। कैटरिंग पर खर्च 20 हजार रुपए आ रहा था। इसके अलावा जयमाला स्टेज का खर्च 15 हजार था। बारातियों के स्वागत और गिफ्ट पर करीब 50 से 60 हजार का खर्च किया जाना था। अन्य खर्च भी करीब 60 से 70 हजार होने थे। शादी विवाह पर होने वाले खर्च को लेकर रामशंकर ने अपने रिश्तेदार से तीन लाख रुपए उधार लिए थे। जैसे ही लॉकडाउन लगा शादी विवाह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या कम कर दी गई। वैसे ही गार्डन काे निरस्त करते हुए पांच हजार का टेंट बुक किया और घर के पास ही खाली मैदान से शादी की तैयार शुरू कर दी। इसी अलावा हलवाई, कैटरिंग और सजवाट का खर्च भी सिमट गया। यानी जो खर्च दो से तीन लाख अधिक हो रहा था वह खर्च पचास हजार तक होगा। इस तरह शादी में होने जा रहे फिजूल खर्च में बड़ी बचत हुई।
लॉकडाउन से लाखों का धंधा चौपट
- लाॅक डाउन की वजह से सबसे ज्यादा असर मैरिज गार्डन संचालकों पर पड़ा। सहालग में एक शादी की बुकिंग पचास हजार से लेकर सवा लाख तक भिंड जिले के मैरिज गार्डन बुक होते है। अप्रैल और मई महीने की बात करें तो 24 शादी के मुहूर्त है। इन मुहूर्तों में 60 फीसदी शादियां मैरिज गार्डन से निरस्त हो चुकी है। यह लोग अपने घरों से सीमित लोगों के साथ शादी करने का विचार बना चुके हैं। ऐसे में मैरिज गार्डन संचालकों ने भी अपने रेट गिराए हैं। मैरिज गार्डन संचालक वीरेंद्र शिवहरे का कहना है कि मैरिज गार्डन की बुकिंग जहां एक लाख से अधिक रहती थी। अब पंद्रह से बीस हजार में ही उपलब्ध कराने को मजबूर हो रहे हैं।
- हलवाई और कैटरिंग का काम करने वाले एक शादी में 50 से 60 हजार की बुकिंग करते है। इस तरह से दो महीने के शादी मुहूर्तों में पांच से छह लाख का रोजगार था। लोगों द्वारा पहले दो हजार से अधिक का भोजन व्यवस्था के लिए बुक किए थे। अब वह व्यवस्था सौ लोगों की करनी है। अब इनके रेट पांच से सात हजार के रह गए है। हलवाई मुरारी लाल और कैटर्स दीपक का कहना है कि लॉक डाउन की वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- बैंड बाजे वालों को भुखमरी की कगार पर पहुंचने की नौबत आ रही है। पिछले साल हुए लॉकडाउन की मार से ही बैंड बाजे वालों की हालत खराब थी। इस बार पुन लॉकडाउन में बैंड बाजे की बुकिंग लोग निरस्त करा रहे हैं। ऐसे में जो बैंड की बुकिंग 25 से 30 हजार में थी। अब उसे रस्म अदायगी के लिए बुलाने की बात कहकर चार से पांच हजार में बुकिंग की जा रही है।
- इसी तरह से घोड़ी वाले एक शादी में घोड़ा पर दूल्हा बैठाने का पांच से आठ हजार में बुक होता था। अब बारात ही नहीं निकलेगी। दूल्हा घोड़ी पर नहीं बैठेगा। इस वजह से बुकिंग निरस्त हो रही है। अब घोड़ी वाले हजार से पंद्रह सौ में आसानी से मिल रहे हैं।
- इस बार की सहालग में आतिशबाजी के रेट गिर चुके है। बारात के दौरान कम से कम पंद्रह से बीस हजार हर काेई आतिशबाजी बुक करता था। अब यह बुकिंग निरस्त हो रही है। जो लोग अतिशबाजी कराना चाहते हैं वे पांच से सात हजार तक खर्च करने की बात कह रहे हैं।