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- After The Lockdown Increases, The Passengers Are Not Getting The Bus Even By Paying Double Fare, The Bus Operators Have The Problem Of Loss Due To Less Ride
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भोपाल3 मिनट पहले
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भोपाल से 20 फीसदी बसों का ही संच�
- मध्य प्रदेश के कई शहरों में जारी लॉक डाउन की वजह से भोपाल के बस स्टेशनों से 20 फ़ीसदी बसों का ही संचालन
- लॉकडाउन बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में पलायन करने को मजबूर हैं यात्री, दोगुना किराया देने के बाद भी नहीं मिल रहे साधन
भोपाल में लॉकडाउन एक हफ्ते के लिए बढ़ाए जाने के बाद घबराहट में लोग पलायन करने लगे हैं । जिससे रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ दिखाई देने लगी है । लेकिन बस स्टैंड पर बस और अन्य साधन नहीं मिलने से यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है । वही बस संचालकों की मुश्किल जरूरत के मुताबिक यात्री नहीं मिलने और उससे होने वाले नुकसान को लेकर है। राजधानी भोपाल के चार बस स्टैंड से रोजाना करीब 750 बसों का संचालन होता है। इनमें हलालपुर से इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, ब्यावरा, गुना समेत राजस्थान की बसों का संचालन होता है। जबकि नादार बस स्टैंड से विदिशा, बैतूल, ग्वालियर, सागर आदि की बसों की आवाजाही होती है। पुतलीघर बस स्टैंड बैरसिया, शम्साबाद आदि बसों के सफर के लिए निर्धारित है।आईएसबीटी से अंतरप्रांतीय बसों के अलावा इंदौर, होशंगाबाद, जबलपुर समेत कई शहरों की चार्टर बसों का संचालन भी होता है। लेकिन पिछले करीब एक माह से बसों का संचालन महज 20 प्रतिशत ही रहा गया है।
सड़क परिवहन अधिकारी-कर्मचारी उत्थान समिति के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा बताते हैं कि पिछले साल कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से ही बसों के परिवहन की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। लंबे समय तक बसें खड़ी रहने के कारण संचालक घाटे और कर्ज के दलदल में समाते जा रहे हैं। बुरे हालात का सामना यात्रियों को भी करना पड़ रहा है, जिनको महंगे किराये पर अपना सफर पूरा करना पड़ रहा है। पवन ट्रैवल्स के संचालक राकेश ठाकुर ने बताया कि यात्रियों की कमी के कारण सीमित संख्या में बसों का संचालन हो रहा है। इस दौरान बसों के चलाने पर हो रहा खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
वही छिंदवाड़ा की यात्रा के लिए घर से निकले हरिहर सिंह ने बताया कि सुबह से बस स्टैंड पर आए हुए हैं। बसें भी मौजूद हैं, लेकिन कहा गया है कि सवारियां पूरी होने के बाद ही बस चल पाएगी। इस बीच आम दिनों में लगने वाले किराये के मुकाबले दोगुना किराया भी वसूला जा रहा है।