चुनाव के चक्कर में कोरोना संक्रमण को भूली सरकार, जबलपुर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

चुनाव के चक्कर में कोरोना संक्रमण को भूली सरकार, जबलपुर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस


जबलपुर हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी

जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने चुनावी रैलियों में कोविड गाइडलाइन का पालन ना होने पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने चुनाव आयोग और मध्य प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयोग को भी नोटिस जारी किया है और सभी पक्षों से 26 अप्रैल तक जवाब मांगा है

जबलपुर. मध्य प्रदेश के दमोह में हुए उपचुनाव (Damoh Assembly Byelection) की बात हो या फिर पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव की, कहीं भी कोरोना प्रोटोकॉल (Corona Protocol) का पालन नहीं हो रहा है. इस आशय की एक याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) में दायर की गई है जिसकी प्राथमिक सुनवाई पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है.

जबलपुर हाईकोर्ट ने चुनावी रैलियों में कोविड गाइडलाइन का पालन ना होने पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने चुनाव आयोग और मध्य प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयोग को भी नोटिस जारी किया है और सभी पक्षों से 26 अप्रैल तक जवाब मांगा है. हाईकोर्ट में यह याचिका पीसी पालीवाल और उमेश त्रिवेदी नाम के दो वकीलों की ओर से दायर की गई है. इस जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि दमोह विधानसभा उपचुनाव और देश के पांच अन्य राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में प्रचार कर रहे नेता कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे जिसके कारण देश-प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है.

इस याचिका में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में अंतिम संस्कार के लिए शवों को घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है. पूरे देश में ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और जीवन रक्षक दवाओं की कमी है लेकिन इस दौरान उपचुनाव और विधानसभा के चुनाव करवाए जा रहे हैं जिसमें कोविड गाइडलाइन ताक पर रख दी गई है. फिलहाल जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार सहित केन्द्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को की जाएगी.









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