- Hindi News
- Local
- Mp
- Gopal Bhargava Wrote On Social Media MD Medicine Is Urgently Needed, 2 Lakh Salary And Lodging Free Food
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
भोपाल10 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा शु�
- सरकारी अस्पतालों में अब भी विशेषज्ञ व चिकित्सा अधिकारियों के 3513 डॉक्टरों के पद रिक्त
मध्य प्रदेश में कोराना संक्रमण के कोहराम से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने सागर के गढ़ाकोट में 70 वेड का कोिवड केयर सेंटर शुुरु किया है, लेकिन सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर यहां सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में भार्गव ने इस कोविड सेंटर में सेवाएं देने के लिए डॉक्टर को जॉब आफर किया है। मंत्री भार्गव ने सोशल मीडिया पर लिखा है- गढ़कोटा कोविड केयर सेंटर में डॉक्टर एमडी (मेडिसिन) की तुरंत आश्वयकता है। वेतन 2 लाख रुपए प्रति माह। आवास, भोजन और लग्जरी वाहन मेरी तरफ से रहेगी। संंपर्क के लिए उन्होंने अपना मोबाइल नंबर दिया है। बता दें कि गोपाल भार्गव ने अपने विधानसभा क्षेत्र में संक्रमित मरीजों को सीटी स्केन की जांच मुफ्त में कराने की व्यवस्था भी की है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की हालत यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक 8717 चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों के पद हैं, लेकिन इनमें 4513 खाली पड़े हैं। प्रदेश के 1199 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 264 बिना डॉक्टर, 617 बिना लैब टेक्नीशियन और 397 बिना फार्मासिस्ट के हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज लाया जाता है।
स्वास्थ्य बजट के नाम पर 5 साल में 42 हजार करोड़ खर्च
मध्य प्रदेश में पिछले 5 साल में स्वास्थ के बजट पर 42 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके सरकारी अस्पतालों में 3513 विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना महामारी में अस्पतालों की सांसे कितनी फूल चुकी है। जब मध्य प्रदेश अस्तित्व में आया था तब प्रदेश में 7400 एलोपैथी डॉक्टर थे। अब निजी व सरकारी मिलाकर 38,180 डॉक्टर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड के अनुसार 1 हजार की आबादी पर एक एलोपैथी डॉक्टर होना चाहिए। इस लिहाज से मध्य प्रदेश की करीब साढ़े सात करोड़ आबादी के हिसाब से 75 हजार डॉक्टरों की जरूरत है।
राज्यों में रजिस्टर्ड एलोपैथी डॉक्टर
राज्य – डॉक्टर
मध्य प्रदेश – 38180
महाराष्ट्र – 173884
कर्नाटक – 120261
आंध्र प्रदेश – 100587
गुजरात – 66944
उत्तर प्रदेश – 77549
राजस्थान – 43338
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी
पदनाम – स्वीकृत रिक्त
विशेषज्ञ – 3620 882
चिकित्सा अधिकारी – 5097 3631