ये कैसी त्रासदी: आधे दिन में 11 शवों का हुआ अंतिम संस्कार, अंतिम विदाई में अपनों का आखिरी बार चेहरा देखने बिलख रहे लोग

ये कैसी त्रासदी: आधे दिन में 11 शवों का हुआ अंतिम संस्कार, अंतिम विदाई में अपनों का आखिरी बार चेहरा देखने बिलख रहे लोग


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सागरकुछ ही क्षण पहले

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नरयावली मुक्तिधाम में शवों का अंतिम संस्कार करते हुए

सागर में कोरोना संक्रमण का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। रोजाना 250 के आसपास कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। वहीं बीएमसी में मौतों पर ब्रेक नहीं लग रहा है। मुक्तिधाम में रोजाना दर्जनभर से अधिक शवों का कोरोना गाइडलाइन से अंतिम संस्कार किया जा रहा है। शुक्रवार को दोपहर तक नरयावली नाका मुक्तिधाम में 11 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। स्थिति यह है कि कोरोना संक्रमण के चलते श्मशान घाट में एक तरफ दाह संस्कार के लिए इंतजार करते शवों के बीच रुदन, चीत्कारें सुनाई दे रही हैं तो दूसरी तरफ हृदय विदारक दृश्य भी देखने को मिल रहे हैं। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंमित संस्कार होने पर कोई अपने पिता का तो कोई मां का आखिर बार चेहरा देखने के लिए बिलख रहा है। लेकिन उन्हें चेहरा देखने नहीं मिल रहा है। क्योंकि कोरोना से मौत या फिर सारी वार्ड में इलाज के दौरान मौत होने पर मृतक का अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन से कराया जा रहा है। ऐसे में शव परिजन को नहीं दिया जा रहा और न हीं दिखाया जा रहा है। अस्पताल से ही शव को पैक कर शववाहिनी से नरयावली मुक्तिधाम पहुंचाया जा रहा है। जहां अंतिम संस्कार हो रहा है। यहां बता दें सागर में अब तक कोरोना के 9213 मरीज मिल चुके हैं। वहीं अब तक कोरोना से 209 मौतें हो चुकी हैं।

जब से भर्ती हुए चेहरा नहीं देखा, एक बार दिखा दो

शुक्रवार को नरयावली मुक्तिधाम में शवों का कोरोना प्रोटोकाल से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मृतकों के परिजन भी पहुंचे। लेकिन उन्हें अंतिम संस्कार से दूर रखा गया। इसी बीच एक युवती मुक्तिधाम कर्मचारियों के पास पहुंची और बोली मुझे एक बार चेहरा दिखा तो वो जब से अस्पताल में भर्ती हुए, तब से चेहरा नहीं देखा है। युवती की रुदन सुन कर्मचारी विचलित हुए। लेकिन नियमों के सामने वह उसे आखिरी बार चेहरा नहीं दिखा पाए।

PPE किट पहनाकर दिलाई अपनों से मुखाग्नि

कोरोना गाइड लाइन से मुक्तिधाम में शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस दौरान नगर निगम द्वारा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को मुखाग्नि देने की अनुमति दी जा रही है। मुखाग्नि देने जाने वाले सदस्य को निगम एक PPE किट दे रहा है। इसके अलावा अंतिम संस्कार के दौरान 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को दूर रखा जा रहा है।

सभी शवों का कोरोना गाइडलाइन से अंतिम संस्कार कराने के निर्देश

इधर, कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए संभागायुक्त मुकेश शुक्ला ने अफसरों को भोपाल की तरह सागर में भी सभी शवों का अंतिम संस्कार कोविड गाइडलाइन से निगम द्वारा कराए जाने के निर्देश दिए है। कोविड वार्ड में दम तोड़ने वाले मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद संक्रमण फैलने की आशंका होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब सागर में भोपाल की तरह नियम लागू किए जाएं। शवों को सिर्फ नगर निगम के हवाले किया जाएगा। संभागायुक्त के निर्देश के बाद सभी शवों का कोरोना गाइडलाइन से अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

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