जिला अस्पताल में तीन कोरोना मरीजों की मौत: जिला अस्पताल में लोग मर नहीं रहे, उन्हें मारा जा रहा है, मृतक लक्ष्मी जैन के भाई आलोक जैन ने रोते हुए बताया,रविवार को लक्ष्मी जैन सहित तीन लोगों की कोरोना से हुई मौत

जिला अस्पताल में तीन कोरोना मरीजों की मौत: जिला अस्पताल में लोग मर नहीं रहे, उन्हें मारा जा रहा है, मृतक लक्ष्मी जैन के भाई आलोक जैन ने रोते हुए बताया,रविवार को लक्ष्मी जैन सहित तीन लोगों की कोरोना से हुई मौत


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Morena
  • People Are Not Dying In District Hospital, They Are Being Killed, Alok Jain, Brother Of Deceased Laxmi Jain, Crying, Told, Three People Including Laxmi Jain Died On Sunday From Corona

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुरैनाएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

फाइल फोटो जिला अस्पताल का

  • आलोक जैन ने बताया कि उनकी बहन को खांसी तक नहीं थी
  • अगर वे जानते कि सरकारी अस्पताल में ऐसी दुर्दशा होगी तो कभी भी भर्ती नहीं कराते

मुरैना। जिला अस्पताल में लोग कोरोना से मर नहीं रहे हैं बल्कि उन्हें मारा जा रहा है। कुत्ते की तरह उन्हें खाना दिया जाता है। यह बात रविवार को दोपहर पौने चार बजे कोरोना से मृत हो गईं लक्ष्मी जैन के भाई पवन जैन ने रोते हुए दैनिक भास्कर को बताया। रविवार को कोरोना से जिला अस्पताल में लक्ष्मी जैन के अलावा दो अन्य लोगों की कोरोना से मौत हो गई है।
लक्ष्मी जैन पति अजय कुमार जैन, उम्र 45 वर्ष, निवासी मुरैना को न खांसी थी और न कोई अन्य समस्या। उन्हें 12 दिन पहले हल्का बुखार आया था। बुखार आने पर उन्हें अस्पताल में दिखाया गया। वह ठीक हो गईं। उसके पांच दिन बाद वह बर्तन धोकर उठीं तो उन्हें थकान महसूस होने लगी। थकान महसूस होने पर जब उनका टेस्ट कराया गया तो वह कोविड पॉजीटिव निकलीं। इस पर उन्हें 19 अप्रेल को जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में आइसोलेट कर दिया गया। उसके बाद आज रविवार को दोपहर पौने चार बजे उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही दो अन्य लोगों की भी मौत हुई है, उन्हें शमशान ले जाया गया है।
दुकान करते हैं अजय कुमार जैन
पवन जैन ने बताया कि उनके बहनोई सामान्य आदमी हैं और दुकान करते हैं। उन्होंने खर्च करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। शासकीय अस्पताल में इसलिए इलाज कराया क्योंकि अधिक बीमार नहींं थी। उन्होंने बताया कि अगर वे यह जानते कि शासकीय अस्पताल में उनकी बहन की यह दुर्दशा की जाएगी तो वे कभी उन्हें वहां भर्ती नहीं कराते।
इस संबंध में जब जिले के आरएमओ धर्मेन्द्र गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि हम लोग सभी सुविधाओं को बहाल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यह बात सही है कि आज तीन कोविड मरीजों की मौत हुई है जिन्हें शमशान भेजने की तैयारी की जा रही है।

खबरें और भी हैं…



Source link