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- Farmers Are Not Bringing Vegetables Due To Early Opening Of The Market, Cattle Left In The Fields, Wholesale Vegetable Market Opened From 4 To 7 Am
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रतलामएक मिनट पहले
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शिवपुर में भिंडी के खेत में भैंस
लॉकडाउन में किसान संकट में हैं। लॉकडाउन के कारण थोक सब्जी मंडी सुबह 4 से 7 बजे तक खुल रही है। दूरदराज के किसान सब्जी बेचने के लिए मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। यदि वे गांवों में बेचते हैं तो उन्हें भाव नहीं मिल रहे हैं। किसान पशुओं को सब्जियां खिलाने पर मजबूर है। दूरदराज गांवों के किसान संकट में आ गए हैं।
पिछले लॉकडाउन में जिला प्रशासन ने सब्जियां बिकवाई थी। किसान कभी भी थोक सब्जी मंडी में सब्जी लेकर बेचने पहुंच जाते थे। इस बार भीड़ को काबू रखने के लिए मंडी का समय बदल दिया है। मंडी सुबह 4 से 7 बजे तक लग रही है। दूर दराज के किसानों की दिक्कत बढ़ गई है। समय जल्दी होने से वे पहुंच नहीं पा रहे हैं। ऐसे में सब्जियों के भाव नहीं मिल रहे है। खेत से सब्जी तोड़ना जरूरी है क्योंकि नहीं तोड़े तो खराब हो जाएगी। किसानों की फजीहत बढ़ गई है। इधर कई सब्जियों के दाम गिर गए हैं। कई किसान पशुओं को सब्जियां खिलाने पर मजबूर हैं।
मंडी में बेचने की जगह भैंसों को खिलाना अच्छा
एवरिया के किसान मुबारिक पटेल ने बताया लॉकडाउन के पहले टमाटर की एक कैरेट 300 रुपए तक बिक रही थी। अब 50 से 80 रुपए में बिक रही है। यही स्थिति गिलकी की है। 10 रुपए प्रतिकिलो बिक रही है। लॉकडाउन के पहले 40 से 60 रुपए प्रतिकिलो बिक रही थी। शिवपुर के किसान प्रकाश प्रजापत ने बताया 2 बीघा जमीन में भिंडी लगा रखी है। पिछले साल लॉकडाउन में जो स्थिति थी। वहीं स्थिति अब फिर है। सब्जियां भैंस को खिलाना अच्छा है।
किसान विनोद ने बताया खीरा ककड़ी लॉकडाउन के पहले 40 रुपए किलो में बिक रही थी। अब कोई 10 रुपए देने को तैयार नहीं है। किसान ओमप्रकाश बारिया ने बताया कि खेत में करेले लगा रखे हैं। लॉकडाउन के पहले 60 से 80 रुपए किलो बिक रहे थे। आज 20 रुपए में बिक रहे है। वहीं मंडी का समय भी जल्दी है। ऐसे में दिक्कत आ रही है।