बेड फुल, मरीज ओवरलोड: 24 जिलों में आईसीयू बेड फुल, भोपाल के 72 अस्पतालों में गंभीर मरीज के लिए जगह नहीं

बेड फुल, मरीज ओवरलोड: 24 जिलों में आईसीयू बेड फुल, भोपाल के 72 अस्पतालों में गंभीर मरीज के लिए जगह नहीं


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भोपाल4 मिनट पहले

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तस्वीर में दिख रहे सभी कोरोना मरीज हैं, जो उज्जैन के माधवनगर अस्पताल में भर्ती हैं। यहां जमीन, कुर्सी, पलंग सभी मरीजों से फुल हैं, क्योंकि 123 बेड पर 170 कोरोना मरीज भर्ती कर लिए गए हैं।

  • इंदौर में सरकारी-निजी अस्पतालों में एक भी आईसीयू बेड खाली नहीं; ग्वालियर के निजी अस्पतालों में 22%, जबलपुर में 7%, उज्जैन में 4% आईसीयू बेड भरने बाकी

प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस 91 हजार से ज्यादा हो गए हैं यानी इतने मरीज इलाज ले रहे हैं। इनमें ज्यादातर वे मरीज हैं, जो अस्पतालों में इलाज के लिए भटक रहे हैं। वजह सिर्फ एक है- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर जैसे महानगरों के साथ-साथ 23 जिलों में आईसीयू और एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड फुल हो गए हैं। इंदौर में सरकारी और निजी अस्पतालों के ऐसे सभी बेड फुल हैं, जबकि भोपाल में कोविड डेडिकेटिड 72 अस्पतालों में नए गंभीर मरीज के लिए जगह ही नहीं है।

कुल बेड में से 94% भर चुके हैं। ग्वालियर के निजी अस्पतालों में 22%, जबलपुर में 7%, उज्जैन में 4% आईसीयू बेड भरने बाकी हैं। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि जिस रफ्तार से एक्टिव केस बढ़ रहे हैं, उस हिसाब से प्रदेश के निजी और सरकारी अस्पतालों में करीब 10 हजार बेड बढ़ाए जाएं। ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 29 हजार बेड बढ़ाएं, लेकिन यह फिलहाल मुश्किल लग रहा है।

भोपाल के 10 अस्पतालों में 900 आईसीयू बेड, सभी फुल

  • भोपाल के प्रमुख 10 सरकारी और निजी अस्पतालों में 900 आईसीयू हैं, कोई खाली नहीं। ऑक्सीजन बेड 2009 हैं, इसमें सिर्फ पीपुल्स कॉलेज में 15 से 20 बचे हैं।
  • इंदौर के 10 प्रमुख निजी व सरकारी अस्पताल का भी यही हाल है। यहां 432 आईसीयू बेड हैं, ये सभी फुल हैं। 1200 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट वाले हैं, ये भी फुल हैं।
  • ग्वालियर में 352 आईसीयू बेड हैं। इसमें सिर्फ जेएएच सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में 35 बेड रिक्त हैं। ऑक्सीजन बेड 888 हैं, इसमें से 325 बेड रिक्त हैं।

पांच बड़े जिलों में आईसीयू बेड की स्थिति
भोपाल :
720 बेड सरकारी हैं, सभी भरे हैं। 1128 निजी बेड में 94% यानी 1062 भरे हैं।
इंदौर : सरकारी में सभी 920 बेड भरे हैं। निजी में 1358 बेड हैं, जो 100% भरे हैं।
जबलपुर : यहां 623 सरकारी आईसीयू बेड भरे हैं। निजी में 803 में से 746 भरे हुए हैं।
ग्वालियर : 195 सरकारी बेड में से 190 यानी 97% भरे हैं। निजी में 726 में से 567 भरे हैं।
उज्जैन : सरकारी में 115 आईसीयू बेड हैं, जो पूरे भरे हैं। निजी अस्पतालों में 123 में से 118 भरे हैं।

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