तीन दोस्तों ने कोरोना मरीजों के लिए दी एम्बुलेंस, प्रशासन को सौंपी चाबी.
सौम्य माहेश्वरी अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्य करते हैं. उनके दोस्त जनक मांडे उज्जैन में इंजीनियर हैं और चेतन परांजपे पूना में बिजनसमेन हैं. तीनों दोस्तों ने मरीजों की सुविधा के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू की. उज्जैन में इसकी शुरुआत की गई.
उन्होंने कहा की अगर और जरूरत लगी तो हम और भी उपलब्ध करा देंगे. उज्जैन सहित देश भर में ऑक्सीजन अस्पताल डॉ दवाई और एम्बुलेंस कमी की खबरों ने तीन दोस्तों को विचलित कर दिया था. जिसमें तीनों दोस्त में से एक अमेरिका में तो दूसरा पूना में और तीसरा उज्जैन में रहता है. इन तीनों ने आम लोगों की परेशानी देखते हुए आम लोगों की मदद करने की ठानी और एम्बुलेंस ले आए ताकि लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर सकें.
ये एम्बुलेंस दो महीने के लिए पुलिस प्रशासन को तीनों दोस्तों ने सोंपी है. मंगलवार को वीडियो कॉल के जरिये सौम्य अमेरिका से तो चेतन परांजपे पूना से ऑनलाइन जुड़े थे तो. वंही जनक उज्जैन से खुद मौजूद थे. जनक ने बताया की कुछ दिन पहले मीडिया में उज्जैन में एक बुजुर्ग को ठेले पर अपनी पत्नी को अस्पताल ले जाते हुए देखा था. बस तभी सोचा की एक एम्बुलेंस सेवा भाव को लेकर आम लोगों के लिए शुरू करते हैं. उज्जैन एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह और एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी ने मिलकर पूजन कर एम्बुलेंस की शुरुआत की. एंबुलेंस सेवा के लिए नंबर जारी कर दिए गए हैं. दिए गए नंबरों पर फोन लगाकर मरीज एम्बुलेंस का उपयोग कर सकते हैं.