धर्मस्थल बनेंगे सहारा: आस्थालयों से दुआ के साथ दवा की शुरुआत, देशभर के हज हाउस बनेंगे कोरोना केयर सेंटर, भोपाल भी शामिल

धर्मस्थल बनेंगे सहारा: आस्थालयों से दुआ के साथ दवा की शुरुआत, देशभर के हज हाउस बनेंगे कोरोना केयर सेंटर, भोपाल भी शामिल


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भोपाल11 घंटे पहले

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भोपाल हज हाउस

किसी भी धर्म, समाज, मजहब की आस्थाएं तभी बाकी रह पाएंगी, जब इंसानी जीवन बाकी रहे। इसी धारणा के साथ अब धर्मस्थलों से दुआ के साथ दवाओं की उपलब्धता की तरफ कदम बढ़ गए हैं। देशभर के हज हाउस को कोरोना केयर सेंटर के रूप में स्थापित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। केन्द्र सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय से चली इस मुहिम में अब प्रदेश भी शामिल हो गया है। राजधानी भोपाल के हज हाउस को कोविड केयर सेंटर बनाने जरूरी व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश हज कमेटी ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।
केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के निर्देश के बाद सेंट्रल हज कमेटी सीईओ ने देशभर की सभी हज कमेटियों को हज हाउस में कोरोना केयर सेंटर स्थापित करने के लिए ई-मेल भेजा है। इस आदेश के बाद मुंबई, दिल्ली, चैन्नई, जयपुर, अहमदाबाद समेत देशभर के करीब 21 हज हाउस पर ये सेंटर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पेशकश में मप्र की राजधानी भोपाल में मौजूद हज हाउस को भी भी शामिल किया जा रहा है। कोरोना के बिगड़े हालात के बीच अस्पतालों में आ रही बेड मिलने की परेशानी से लोगों को बचाने यह प्रयोग किया जा रहा है।
दो एकड़ में मौजूद है बड़ा भवन
राजधानी भोपाल में एयरपोर्ट रोड पर स्थित हज हाउस करीब दो एकड़ जमीन पर स्थित है। इसकी भव्य बिल्डिंग का निर्माण करीब 6 करोड़ की लागत से किया गया था। हज के दौरान करीब एक महीने तक इसका इस्तेमाल हाजियों की रवानगी के लिए होता है। जबकि इसके बाद यह भवन आमतौर पर खाली ही रहता है। बड़ी तादाद में यहां बेड लगाने के लिए मौजूद जगह को देखते हुए इसका इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है।
जिला प्रशासन से लेंगे मदद
प्रदेश हज कमेटी सचिव यासिर अराफात ने बताया कि सेंट्रल हज कमेटी से मिले निर्देश के मुताबिक प्रदेश हज हाउस में कोविड केयर सेंटर स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन से बात की जा रही है। इसके लिए जरूरी व्यवस्थाओं के लिए पत्र भेजा गया है। इसके अलावा कमेटी स्टाफ और वालेंटियर्स की मदद से इस सेंटर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयास किए जाएंगे।
मस्जिद-मदरसों से भी आ रहे प्रस्ताव
बरघाट मुस्लिम समाज द्वारा शान्ति नगर में स्थित मदीना मस्जिद को कोविट सेंटर हेतु शासन को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। कोविड सेंटर में एक एमबीबीएस डॉक्टर रोजाना विजिट हेतु, 4 ऑक्सीजन सिलेन्डर, 2 नर्स 20 बेड भी उपलब्ध कराने हेतु कहा गया। साथ ही अन्य सेवाएं जैसे बिजली, पानी, मरीज का भोजन, मरीज से साथ आए एक व्यक्ति का भोजन एवं उसके रुकने का इंतेजाम सामाजिक बंधुओं द्वारा किया जाएगा।
कायदी मदरसे को कोविड-19 सेंटर बनाने की पेशकश
बालाघाट वारासिवनी के मध्य ग्राम डोंगरिया तहसील लालबर्रा में स्थित संस्था मौलाना आजाद एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित कायदी मदरसे की प्रबंधन समिति ने इस कायदी मदरसे की इमारत में कोविड सेंटर या क्वारेंटाइन सेंटर बनाने की पेशकश जिला प्रशासन से की है।

संस्था (मदरसे) के अध्यक्ष मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी के आदेश से तथा सचिव डॉक्टर फारूक अंसारी एवं एडवोकेट सुलेमान खान के सहयोग से प्रबंधक (नाजिम) मौलाना रिजवान इशाती ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी के माध्यम से कलेक्टर बालाघाट को पत्र प्रेषित किया है। इसमें बताया है कि मदरसा वारासिवनी एवं बालाघाट की इमारत में 15 कमरों की 1 बिल्डिंग है एवं दो-दो माले की 2 बिल्डिंग हैं। जिसमें लगभग 20 कमरे हैं, इस प्रकार कुल 35 कमरे है। 22 सुविधाघर, 16 बाथरूम एवं बिजली पानी की उत्तम व्यवस्था है तथा 14 फैमिली क्वॉर्टर की एक बिल्डिंग है। जिसमें 7 क्वॉर्टर भी वर्तमान में खाली है और एक डायनिंग हाल है। साथ ही मस्जिद का बड़ा प्रांगण भी है। इसके अतिरिक्त घूमने-फिरने के लिए भी पर्याप्त खुला स्थान है।
रिपोर्ट: खान आशु

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