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इंदौर2 घंटे पहले
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ऑक्सीजन सिेलेंडर पर लगाया होज
- ऑक्सीजन सिलेंडर के बाद फ्लो मीटर की किल्लत भी बढ़ गई है
कोरना काल में ऑक्सीजन तो कभी पल्स ऑक्सीमीटर कोविड इलाज में उपयोग आने वाले उपकरणों की कालाबाजारी बढ़ गई। हालात यह हैं, ऑक्सीजन तो दूर की बात, अब तो उस पर लगने वाला फ्लो मीटर ही बाजारों से गायब हो गया। इसका विकल्प इंदौर में रंगवासा गांव के युवकों ने निकाला है। इन्होंने जुगाड़ का फ्लो मीटर तैयार किया है, जिसकी मात्र 150 रुपए है। उन्होंने नल फिटिंग में काम आने वाले होल निप्पल की मदद से फ्लो मीटर तैयार किया है। इसकी मदद से मरीज को ऑक्सीजन दी जा सकती है।
रहवासियों का कहना था, ऑक्सीजन सिलेंडर तो जुटा लिए हैं, लेकिन मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए फ्लो-मीटर की किल्लत पैदा हो गई है। यहां के रहने वाले मुकेश कुमार सोलंकी का कहना था, वर्तमान में नल फिटिंग के कई ऐसे इक्विपमेंट हैं, जो फ्लो मीटर के काम में आ रहे हैं। दुकानें बंद हैं, लेकिन कुछ लोग जो घर से व्यवसाय कर रहे हैं। आपातकाल में होज निप्पल और मेडिकल इक्विपमेंट में लगने वाली कुछ नलियों को सैनिटरी की दुकान से खरीद कर जुगाड़ कर रहे हैं। कई लोग जुगाड़ से भी काम चला रहे हैं। मुकेश ने इसका वीडियो भी बनाया है।
सिलेंडर से मरीज के मास्क तक ऑक्सीजन पहुंचाता है फ्लो मीटर
ऑक्सीजन सिलेंडर से मरीज के मास्क तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए उपयोग आने वाला फ्लो-मीटर बाजार में उपलब्ध न होने पर जुगाड़ बनाई है। उन्होंने देशी जुगाड़ का फ्लोमीटर बनाया है।
जुगाड़ के फ्लो मीटर के बारे में बताते मुकेश और उनके सहयोगी।
ऑक्सीजन नली की कीमत बड़ी
यह नली 150 से 160 रुपए में मिलती थी, जबकि इसकी वास्तविक कीमत 120 रु. ही है। अब यह नली 100 रु. ऊपर में मिल रही है। दवाई दुकानदारों का कहना है कि मुनाफा हमारा नहीं बढ़ा है होलसेल से ही महंगी आ रही है।