पीथमपुर में 13 दिन में शुरू ऑक्सीजन प्लांट: कंपनी मालिक बोले – मुंबई से ऑक्सीजन मीटर और अहमदाबाद से दूसरी मशीलें मंगवाई, ऑक्सीजन की शुद्धता 100 फीसदी

पीथमपुर में 13 दिन में शुरू ऑक्सीजन प्लांट: कंपनी मालिक बोले – मुंबई से ऑक्सीजन मीटर और अहमदाबाद से दूसरी मशीलें मंगवाई, ऑक्सीजन की शुद्धता 100 फीसदी


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इंदौर3 मिनट पहले

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पीथमपुर स्थित एमसीएल ग्लोबल ऑक्सीजन प्लांट जो 13 दिन में बनकर तैयार हुआ।

  • सांसों के योद्धाओं की आखिरकार लगातार 312 घंटे की मेहनत के बाद सांसे लाएंगी

पीथमपुर स्थित एमसीएल ग्लोबल ऑक्सीजन प्लांट में लगातार 13 दिन यानि 312 घंटे तक 150 लोगों की मेहनत मंगलवार रात को जाकर सफल हुई। देर रात जांच के बाद यहां की आक्सीजन की शुद्धता जैसे ही मीटर में सौ फीसदी दिखाना शुरू हुई, काम करने वालों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। देर रात को ही सिलेंडर रेक पर लगा दिए गए, जिससे 40 मिनट में एक साथ सौ सिलेंडर भरे जा सकेंगे। एमसीएल के इस प्लांट से बुधवार से सिलेंडरों की सप्लाई शुरू हो गई। यहां से हर दिन 3000 हजार से ज्यादा सिलेंडर सप्लाई किए जाएंगे।

150 लोगों ने रात दिन काम कर प्लांट को तैयार किया।

150 लोगों ने रात दिन काम कर प्लांट को तैयार किया।

13 दिन में पीथमपुर स्थित प्लांट शुरू करने को लेकर कंपनी के मालिक करण मित्तल और उनके सहयोगी संजय अग्रवाल ने बताया कि इस ऑक्सीजन प्लांट के लिए मुंबई से ऑक्सीजन मीटर मंगवाया गया है। इतना ही नहीं, इसमें लगी अन्य मशीनें अहमदाबाद से बुलवाई गई हैं। वहीं, प्लांट हेड निर्मल कुमार तोमर का कहना है कि 150 लोगों की टीम ने दिन-रात काम कर इस प्लांट को पूरा किया है। इस प्लांट से प्रतिदिन 3000 सिलेंडर ऑक्सीजन सप्लाई की जाएगी। यहां से ऑक्सीजन इंदौर के साथ ही देवास, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, धार आदि जिलों में पहुंचाई जाएगी। प्लांट के इतने कम समय में बनकर तैयार होने पर कलेक्टर मनीष सिंह ने भी मित्तल और अग्रवाल को बधाई दी। बता दें कि प्लांट बनाने का काम 14 अप्रैल से शुरू हुआ था जो 13 दिन बाद 27 अप्रैल की रात को तकनीकी जांच के साथ ही पूरा हो गया।

मंगलवार रात शुद्धता जांच के बाद प्लांट से ऑक्सीजन सिलेंडर भरने शुरू हो गए।

मंगलवार रात शुद्धता जांच के बाद प्लांट से ऑक्सीजन सिलेंडर भरने शुरू हो गए।

20 दिन पहले बनी योजना और 13 दिन में ऐसे मिलने लगी ऑक्सीजन
एकेवीएन एमडी रोहन सक्सेना ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी पर पीथमपुर के उद्योगों में संभवना देखी गई, तब तीन साल से सेक्टर तीन में करण मित्तल का बंद पड़ा एमसीएल प्लांट मिला। बात की तो बोले तीन माह तो लगेंगे ही, लेकिन जल्दी थी, तो सभी विभागों के साथ बैठक की गई कहां क्या लगेगा। मित्तल ने अपनी ओर से 40 लाख से ज्यादा की राशि लगाई, जो पार्ट चाहिए थे वह बताए, मुंबई से ऑक्सीजन मीटर तो अहमदाबाद से अन्य मशीनें आईं।

3 साल से बंद पड़ा था प्लांट, वैसे काम होता तो शुरू होने में लगते 90 दिन।

3 साल से बंद पड़ा था प्लांट, वैसे काम होता तो शुरू होने में लगते 90 दिन।

24 घंटे की रोस्टर ड्यूटी लगाई

ड्यूटी अधिकारी व नायब तहसीलदार विनोद राठौर ने बताया कि काम एक घंटे भी नहीं रोका गया, प्लांट इंचार्ज मदन अग्रवाल की मदद के लिए अहमदाबाद से तीन इंजीनियर आए और 14 अप्रैल से प्लांट पर काम शुरू करने के लिए 24 घंटे की रोस्टर ड्यूटी लगाई गई कि काम नहीं रुके। बिजली कनेक्शन, नल कनेक्शन लेकर अन्य मंजूरियां क्योंकि एकेवीएन का ही क्षेत्र था, तो सभी एक घंटे में मौके पर ही फाइल लेकर जारी कर दी गई। बाहर सड़क खराब थी, गाड़ियां आने में समस्या आती तो साथ में वह भी बनवा दी गई। मौर्या सरिया कंपनी ने अपने मैकेनिकल हेड, लेबर उपलब्ध कराए तो अन्य कंपनियों ने दूसरी सामग्री दी। 11 दिन में यानी रविवार को ऑक्सीजन प्लांट तैयार कर दिया है। इसके बाद ऑक्सीजन का ट्रायल पर ‌उत्पादन भी शुरू हो गया है, जिसकी 24 घंटे तक शुद्धता जांची गई, जो मंगलवार रात को पूरी हुई और फिर सिलेंडर भरने शुरू हो गए।

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