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उज्जैनकुछ ही क्षण पहले
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प्लांट पर अब सिलेंडर रिफिल करवाने वालों की कतार नहीं लगती है।
सुकून देने वाली यह तस्वीर है राघौपिपल्या-गंगेड़ी ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट की। पहले यहां ऑक्सीजन के लिए भीड़ रहती थी लोग खाली सिलेंडर लिए अपनी बारी का इंतजार करते कतार में खड़े दिखाई देते थे। अस्पतालों के वाहनों की भी लाइन यहां लगी रहती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। प्रशासन की तरफ से ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था देख रहे डीआईसी के जीएम एसआर सोनी कहते हैं कि आक्सीजन की किल्लत दूर हो गई है।
अब तो इक्का-दुक्का लोग ही यहां सिलेंडर लेकर ऑक्सीजन के लिए आ रहे हैं, पहले जैसे हालात नहीं हैं। सोमवार को जिले की मांग 18 टन के एवज में उपलब्धता 37 टन की बनी हुई थी। कुश रिफिलिंग प्लांट में 18 टन, प्रदीप गैस प्लांट पर साढ़े 8 टन, नागदा में 5 टन और आरडी गार्डी में साढ़े तीन टन गैस उपलब्ध थी। जरूरत व मांग के आधार पर आगर व देवास जिले में भी ऑक्सीजन भेजी जा रही है।