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- Father’s Clinic Closed In Kovid, Son Reached District Hospital After Becoming Fake Doctor, Patients Started Treatment
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भिंड17 मिनट पहले
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जिला अस्पताल में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर।
- कोतवाली पहुंचकर आरोपी बेटे की उसके पिता ने की तफरदारी
भिंड के जिला अस्पताल के कोविड वार्ड से बड़ी ही रोचक खबर आई है। यहां कोविड मरीजों के उपचार के लिए जहां चिकित्सक और स्टाफ कतरा रहे हैं। ऐसे में एक फर्जी डॉक्टर इन मरीजों के बीच पहुंचा और मेल सर्जिकल वार्ड में इलाज करने लगा। फर्जी डॉक्टर के इलाज करने के तरीके से एक अटेंडर को शक हुआ। अटेंडर ने फर्जी डॉक्टर से पूछा कि आप कब से तैनात है इस अस्पताल में? यह सवाल पर फर्जी डॉक्टर घबरा गया। इसके बाद फर्जी डॉक्टर की पोल खुल गई। पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर को दबोच लिया। दरअसल, पिता की क्लिनिक बंद होने के चलते वह अपने परिचित मरीजों को यहां भर्ती करा देता था।
भिंड के गायत्री मंदिर के पास का निवासी विशाल सोनी पुत्र सुरेंद्र सोनी शुक्रवार को जिला अस्पताल के कोविड संदिग्ध मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा गया। यह युवक गले में स्टेथोस्कोप डाले हुए था। साथ में एप्रन और कुछ दवाएं ग्लूकोज भी लिए हुए था। दोपहर के समय जब यह फर्जी डॉक्टर द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा था। तभी एक मरीज का अटेंडर नीरज वर्मा को कुछ शक हुआ। अटेंडर ने डॉक्टर से पूछा कि आप कब से पदस्थ है। इसके बाद फर्जी डॉक्टर ने पहले अनसुना करके दूसरे मरीज के पास चला गया और मरीजों से बातचीत करने लगा। तभी जवाब न मिलने पर फिर अटेंडर ने कहा कि आप कब से यहां पर आ गए। इसके बाद वो जवाब देने में लड़खड़ा गया। अटेंडर व फर्जी डॉक्टर के बीच बहस होता देख अस्पताल का स्टाफ आ गया। वो समझ गया कि यह बाहर को कोई फर्जी डॉक्टर है।
फर्जी डॉक्टर को पकड़ने वाला अटेंडर।
स्टाफ ने हड़काया तो बोला कि मेरा मरीज भर्ती है
फर्जी डॉक्टर पकड़े जाने के बाद पूरे हॉस्पिटल में हंगामा खड़ा हो गया। हॉस्पिटल का स्टाफ आ गया। स्टाफ के सदस्यों द्वारा फर्जी डॉक्टर को हड़काया। इसके बाद युवक बोला कि मेरे पिता की क्लीनिक है। मैं पिता के साथ ही मरीजों का इलाज करता हूं। इन दिनों मेरी क्लीनिक पर मरीज आना बंद हो गए। अब कुछ मरीज आते है तो उन्हें यहां भर्ती होने का बोल देता हूं। ऐसे मरीजों को देखने के लिए चला आता हूं।
फर्जी डॉक्टर को पुलिस को पकड़ाया
यह घटना उस समय की है जब जिला अस्पताल में झोलाछाप डॉक्टरों की कोविड जांच हो रही थी। इसी समय आरएमपी डॉक्टर का पुत्र फर्जी डॉक्टर बनकर यहां इलाज कर रहा था। यह मामले का खुलासा होने के बाद हेडक्वार्टर डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपी को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
फर्जी डॉक्टर के पिता ने बेटे की तरफदारी
कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा का कहना है कि विशाल फर्जी डॉक्टर बनकर इलाज करते हुए पकड़ा गया है। यह जानकारी विशाल के पिता सुरेंद्र सोनी को लगी वे बेटे की तरफदारी के लिए कोतवाली आए थे। उन्होंने बताया कि कई बार मेरे बेटे को जिला अस्पताल का स्टाफ इलाज में सपोर्ट के लिए बुलाता था। इसलिए बेटा इलाज करने गया था। थाना प्रभारी शर्मा का कहना है कि पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पिता के साथ बैठकर सीखा इलाज का तरीका
फर्जी डॉक्टर विशाल के पिता सुरेंद्र सोनी की दीनपुरा में क्लीनिक थी। अब यह क्लीनिक बंद हो चुकी है। पिता द्वारा क्लीनिक संचालन के दौरान बेटा विशाल भी इलाज में सहयोग करता था। इसलिए इलाज का तरीका सीख गया था। पिता की क्लीनिक बंद हुई तो बेटा भी बेरोजगार हो गया। बताया जाता है कि बेटा नशे का आदी है। वो जिला अस्पताल में उपचार के लिए परेशान होने वाले मरीजों के अटेंडरों को अपना दांव बनने के लिए गया था। लेकिन यह दांव इस बार उल्टा पड़ गया।
फर्जी डॉक्टर के पास से पकड़ी गई दवा आदि को देखती हुई पुलिस।
अफसरों का कहना है कि पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है
डीएसपी हेडक्वार्टर मोतीलाल कुशवाहा ने मीडिया का बताया कि फर्जी डॉक्टर द्वारा इलाज करने की सूचना पर युवक को दबोच लिया है। पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। वहीं, सीएमएचओ डाॅ अजीत मिश्रा का कहना है कि एक युवक डॉक्टर बनकर अस्पताल में घूम रहा था। जानकारी लगते ही पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इस पूरे मामले की पड़ताल कराई जा रही है।