यज्ञ में आहुति डालने वाले बयान पर ‘तर्क’: मंत्री उषा ठाकुर ने कहा – मच्छर मारने के लिए केमिकल वाला फाॅगिंग करते हैं, उसी प्रकार यज्ञ की फॉगिंग औषधियों की होती है, जो वातावरण स्वच्छ करती है

यज्ञ में आहुति डालने वाले बयान पर ‘तर्क’: मंत्री उषा ठाकुर ने कहा – मच्छर मारने के लिए केमिकल वाला फाॅगिंग करते हैं, उसी प्रकार यज्ञ की फॉगिंग औषधियों की होती है, जो वातावरण स्वच्छ करती है



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इंदौर4 घंटे पहले

मुझे नहीं लगता कि आजादी के बाद से हजारों साल की गुलामी में… हम में से किसी ने भी वेदों को ठीक से पढ़ा है। जिन्होंने वेदों को पढ़ा है, वे जानते हैं… आप अथर्व वेद का अध्याय-2, सर्ग 31.. निकालिए। उसमें लिखा है, जब-जब महामारियों ने दुनिया को घेरा, तब किस प्रकार से हमारे लोगों ने उससे बचाव किया। कोरोना से बचने के लिए यज्ञ में सभी को आहुति डालने वाले बयान पर उठ रहे सवाल जवाब में कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने यह बात गुरुवार को कही।

उन्होंने कहा, वर्तमान की बात करूं, तो आप भी मेरी बात से सहमत होंगे। जब मलेरिया फैलता है, तो हम क्लोरोक्वीन देते हैं, इंजेक्शन लगाते हैं। इसके अलावा, हम धुएं के लिए भी तो कहते हैं। शहर में फाॅगिंग भी करवाया जाता है। हम यह फाॅगिंग कीटाणुओं को नष्ट करने और मच्छरों मारने के लिए करते हैं। इसमें कुछ केमिकल मिला हाेता है। ठीक उसी तरह, यज्ञ का फाॅगिंग औषधियों का है। वाे औषधि सांसाें के जरिए रक्त में समाहित हाेती है। राेग प्रतिराेधक क्षमता बढ़ाती है। वातावरण स्वच्छ करती है। आज काेराेना की एक बड़ी वजह प्रदूषित वातावरण भी है। उन्हाेंने कहा कि हमें किसी समस्या के जड़ से समाधान पर नहीं जाना चाहिए।

शहर में इतनी मौतें हुईं, आपको यह समाधान याद नहीं आया
जब उनसे पूछा गया कि शहर में इतनी माैतें हाे गईं, तब आपको यह समाधान की याद नहीं आया। इस पर उन्होंने कहा कि हमें तो हमेशा से यह याद है। हमारे यहां हमेशा से होता आ रहा है। जो यह कर रहे हैं, वे सुरक्षित भी हैं। मैं तथ्यों पर बात करती हूं। चेरनोबिल गैस रिसाव हुआ। पूरी भूमि बंजर हुई। वहां गाय के गोबर के कंडे और अक्षत घी से जो यज्ञ हुआ, पूरी जमीन उपजाऊ हो गई। हिरोशिमा नागासाकी की बात करें। भोपाल गैस त्रासदी का ही अध्ययन कर लीजिए। वहां का इकलौता राठौर परिवार जिंदा बचा था।

जब उस परिवार को लेकर अध्ययन किया गया, तो पता चला कि वह परिवार 12 महीने यज्ञ में आहुतियां डालता था। उसके परिवार के हर सदस्य के साथ ही घर का तोता, कुत्ता, गाय तक सुरक्षित बचे रहे। यह एक उदाहरण है। जो इस व्यवस्था में विश्वास रखते हैं, सनातन धर्म को मानते हैं। वैदिक जीवन का पालन करते हैं। हम तो सभी से आग्रह कर रहे हैं, यह कर्मकांड नहीं हैं। वैदिक जीवन का पालन कर खुद को सुरक्षित रखें।

क्या कहा था मंत्री ठाकुर ने…
मंत्री उषा ठाकुर ने कहा था कि तीसरी लहर का ज्यादा अटैक बच्चों पर होगा। आप सबसे प्रार्थना है कि पर्यावरण की शुद्धि के लिए 10, 11, 12 और 13 मई को सुबह 10 बजे सब लोग एक साथ यज्ञ में आहुति डालें। पर्यावरण को शुद्ध करें, क्योंकि महामारियों के नाश में अनादिकाल से इस यज्ञ की पावन परंपरा है। यज्ञ चिकित्सा है, यह धर्मांधता नहीं है, यह कर्मकांड नहीं है, बल्कि यज्ञ पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए चिकित्सा है। इसलिए हम सब दो-दो आहुति डालें, पर्यावरण को शुद्ध करें। तीसरी लहर हिंदुस्तान को छू नहीं पाएगी।

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