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ग्वालियर2 घंटे पहले
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जेएएच में कोरोना संक्रमण से बचाव की वैक्सीन लगवाती युवती।
- कभी लोग समय पर नहीं पहुंचते तो कभी उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता
ग्वालियर जिले में कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन के साढ़े नौ फीसदी डोज बर्बाद किए जा रहे हैं। पिछले 115 दिन में 33212 डोज खराब हो गए। इसकी पुष्टि जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने की। इतने डोज यदि बचा लिए जाते तो 16608 लोगों को वैक्सीन के दोनों टीके लग सकते थे। जिले में 16 जनवरी से टीका लगाने का अभियान शुरू किया गया था। बुधवार तक 3 लाख 49 हजार 654 लोगों को टीका लगाया गया है। इनमें 62 हजार 504 को दोनों टीके लगाए गए हैं जबकि 2 लाख 85 हजार 642 लोगों को पहला टीका लग पाया है।
शुरू में 12% डोज हो रहे थे बर्बाद
जनवरी में हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाना शुरू किया गया था। शुरू में वैक्सीन के प्रति तमाम संशय और डर था इसलिए लोग टीका लगवाने से कतरा रहे थे। इस कारण फरवरी तक जितने लोग बुलाए जा रहे थे, उससे कम टीका लगवाने पहुंचते थे। इस कारण करीब 12 फीसदी डोज खराब हो रहे थे, लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह से जब कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ना शुरू किया और अप्रैल में स्थिति इतनी भयावह होने लगी थी कि रोज 25 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके बाद लोगों में वैक्सीन लगवाने के प्रति उत्साह बढ़ा। इस कारण अब वैक्सीन के खराब होने का प्रतिशत घटकर 9.5 रह गया है।
टीकाकरण केंद्रों पर इसलिए खराब हो रही है वैक्सीन
- केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए लोग पहुंचते हैं, लेकिन कुछ का रजिस्ट्रेशन नहीं होता या कुछ पहचान-पत्र नहीं लाते हैं। ऐसे में उन्हें बिना वैक्सीन लगाए ही लौटा दिया जाता है।
- कोरोना कर्फ्यू के कारण लोग टीकाकरण केंद्राें पर कम पहुंच रहे हैं। जो लाेग पहुंचते हैं, उनकी संख्या देखकर लगता है कि वैक्सीन बर्बाद नहीं होगी, लेकिन देरी की वजह से कई लोग बिना टीका लगवाए लौट जाते हैं
- टीकाकरण खाली पेट नहीं हो सकता, यह जानकारी नहीं होने के कारण भी कई लोगों को केंद्रों से कुछ खाकर आने के लिए कहा जाता है जो फिर लौटते नहीं हैं।
- क्षेत्रीय संचालक डॉ. एके दीक्षित का कहना है कि बची हुई वैक्सीन को दूसरे दिन उपयोग में नहीं ला सकते हैं।
इमरजेंसी रजिस्ट्रेशन की अनुमति मिलनी चाहिए
^पहले लोग वैक्सीन लगवाने से डर रहे थे, अब लोगों में वैक्सीन को लेकर रुझान बढ़ा है। वैक्सीन की उपलब्धता भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है। शासन को पत्र लिखकर यह डिमांड रखेंगे कि वैक्सीन केंद्रों को यह अधिकार दिए जाए कि एक वाइल खुलने पर यदि 10 लोग उपस्थित नहीं हैं तो इसकी पूर्ति के लिए इमरजेंसी रजिस्ट्रेशन केंद्र पर ही करने की अनुमति दी जाए।
– डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ
आज 45 साल से कम उम्र के लोगों को नहीं लगेगा टीका
जिले में बुधवार को 86 केंद्रों पर 6455 लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। इनमें से 18 से 44 साल तक के 3150 लोगों को टीके लगे। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को 18 से 44 साल के युवाओं को टीके नहीं लगाए जाएंगे। गुरुवार को 39 केंद्रों पर 45 साल से अधिक उम्र के लोग टीके लगवा सकेंगे।