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भोपाल33 मिनट पहले
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भोपाल जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बैरसिया के दो गांव में नाबालिग लड़कियों के बाल विवाह रूकवाएं।
भोपाल जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बैरसिया के दो गांव में नाबालिग लड़कियों के बाल विवाह रूकवाएं। दोनों ही जगह शादी की तैयारी चल रही थी। टीम ने दोनों परिवार को समझाया और दोनों के माता-पिता से लड़कियों के बालिग होने पर ही विवाह करने का शपथ पत्र दिया गया। भोपाल कलेक्टर ने अधिकारियों को 14 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर वैवाहिक कार्यक्रम शुरू होने पर बाल विवाह रोकने को लेकर निर्देश दिए थे। इसके लिए अलग-अलग इलाके के अनुसार जिला प्रशासन ने अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर टीम का गठन किया गया था।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी आरसी त्रिपाठी ने बताया कि भोपाल में बाल विवाह रुकवाने के लिए सभी अधिकारी सक्रिय है। शुक्रवार सुबह बैरसिया के दो गांव में नाबालिग लड़कियों के विवाह की सूचना मिली। इस पर बैरसिया में तैनात परियोजना अधिकारी पंकज लाहोती और मृदुल मालवीय पहले सुखलिया ग्राम पहुंचे। यहां पर विवाह की तैयारी हो रही थी। बारात शनिवार को आने वाली थी। यहां खेत में बने एक घर में मंडप बना हुआ था। यहां टीम ने जाकर लड़की के उम्र के संबंध दस्तावेज मांगे, लेकिन परिवार के लोग कोई दस्तावेज नहीं बता सके। इसके बाद आंगनवाड़ी के रिकॉर्ड से लड़की की उम्र 16 साल 9 महीने निकली।
इसके बाद टीम पिपलिया कदीम गांव पहुंची। यहां पर बारात शाम को आने वाली थी। परिवार से लड़की की उम्र संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लड़की की उम्र 18 साल होने में दो महीने कम थी। इसके बाद दोनों परिवार को बाल विवाह अपराध के बारे में बताया गया। दोनों ही परिवार ने समझाइश के बाद विवाह न करने की स्वीकृति दी। साथ ही दोनों के माता-पिता ने बेटियों की उम्र 18 साल होने पर ही शादी करने का शपथ पत्र दिया। टीम ने दोनों ही जगह का पंचनामा बनाया गया। दोनों ही जगह खेत में स्थित घर पर शादी की तैयारी की जा रही थी। घर पर सिर्फ परिवार के सदस्य ही थे।
दो साल की सजा, 1 लाख का जुर्माना
बैरसिया के परियोजना अधिकारी पंकज लाहोती ने बताया कि शपथ पत्र देने के बावजूद यदि परिजन नाबालिग लड़कियों की शादी कराते है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसमें एक लाख रुपए का जुर्माना अथवा दो साल की सजा या दोनों का प्रावधान है। साथ ही बाल विवाह में सेवा देने वाले जैसे खाना बनाने वाले, बैंड बजाने वाले समेत अन्य लोगों को भी अपराधी बनाने का प्रावधान है।