- Hindi News
- Local
- Mp
- Madhya Pradesh Fertilizer Crisis Update; 1200 Dap Bori Price Rise In Rewa, Mandsaur, Raisen, Shivpuri
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
मध्य प्रदेश8 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मध्य प्रदेश में किसानों के सामने खाद का संकट आने के आसार है। फिलहाल रीवा, मंदसौर, रायसेन, शिवपुरी सहित कई जिलों में 1200 की डीएपी खाद की बोरी 1900 रुपए में मिल रही है। जबकि बोरियों पर पैकिंग दिसंबर 2020 अंकित है। तब खाद की कीमत 1200 रुपए थी। स्पष्ट है कि कंपनियां पुराना माल बढ़े हुए दाम पर बेच रही हैं। मप्र सहकारी विपणन संघ पर एमआरपी बदल कर बेचने के आरोप लग रहे हैं।
मध्य प्रदेश में फरवरी 2021 में खाद की एक बोरी 1200 रुपए में बिक रही थी। जिसकी कीमत मई माह में अचानक 1900 रुपए हो गई है। कई कंपनियों ने इस कीमत पर भी खाद की आपूर्ति से हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि कंपनियों से सरकार ने कम कीमत के दौरान ही 1 लाख टन डीएपी और 10 हजार टन एनपीके खरीद लिया था। लेकिन जरुरत 10 लाख टन से ज्यादा की है।
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि खाद की कीमत 700 रुपए बढ़ने उनकी फसल की लागत बढ़ेगी। अभी किसान फसल के लिए खेतों में तैयारी कर रहे हैं। उन्हें खाद की जरूरत 25 मई के बाद से होगी। खादी की मांग जून से तेजी पकड़ सकती है। तब खाद के लिए संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए खाद पर सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है। हालांकि लेकिन जारी वित्तीय वर्ष के लिए सब्सिडी की दरों में बदलाव न कर यथावत रखा गया है।
2019 में 900 रुपए थी कीमत
कमलनाथ सरकार जब सत्ता से बाहर हुई थी, तब डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत 900 रुपए थी। जिसे दिसंबर 2020 में शिवराज सरकार ने 1200 रुपए कर दिया था। अब इसे बढ़ाकर 1900 रुपए कर दिया गया है। जानकारों का कहना है कि प्रदेश में अगले माह करीब साढ़े 9 लाख टन खाद की जरूरत पड़ेगी। चूंकि कीमतों में इजाफा हुआ है और खुले बाजार की हालत ठीक नहीं है तो खाद को लेकर संकट की स्थिति बन सकती है।
दिग्विजय की मांग- किसानों को खाद घर पहुंचा कर दे सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खाद की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र िलखा है। उन्होनंे कहा है कि किसानों के पास आगामी फसल के लिए अपने खेतों को तैयार करने तथा खाद बीज आदि की व्यवस्था करने के लिये सिर्फ एक महीना बचा है। ऐसी स्थिति में रासायनिक उर्वरक को सहकारी समितियों के माध्यम से सीधे किसानों के घर तक पंहुचाने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की जानी चाहिए।
जानिए… क्यों बढ़ गए खाद के दाम
- अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खाद के दाम बढ़ने से खाद कंपनियों ने 1900 रुपए में भी आपूर्ति से इंकार।
- कंपनियों को बंदरगाहों पर खाद की बोरी 2100 रुपए में मिल रही है। उनकी मांग 2100 रुपए प्रति बोरी की है।
- कंपनियों से कई दौर की बातचीत के बाद सरकार ने 1700 रुपए की दर से 18 हजार टन डीएपी खाद खरीदी।
- इसके बाद कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए तो 12 में से छह कंपनियां 1900 रुपए की दर से आपूर्ति को तैयार हुईं।
साढ़े 9 लाख टन खाद की जरुरत
- पिछले साल प्रदेश में सरकारी और खुले बाजार से 10 लाख टन खाद की आपूर्ति हुई थी।
- इस साल सरकार ने 1 लाख 18 हजार टन डीएपी खाद की व्यवस्था कर ली है।
- इसके बाद 6 से साढ़े छह लाख टन खाद की जरुरत होगी।
- खुले बाजार में भी 3 लाख टन की आपूर्ति अलग से होगी।