नई दिल्ली. बिजनेसमैन एलन मस्क की नीतियों से खफा अमेरिका और यूरोप के लोग उनकी इलेक्ट्रिक कार टेस्ला को जला रहे हैं. पिछले चार महीनों में 100 से ज्यादा टेस्ला कारों में आगजनी या तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब टेस्ला के भारतीय बाजार में प्रवेश की खबरें आ रही हैं.
टेस्ला का बहिष्कार क्यों कर रहे लोग
मस्क ने कॉस्ट कटिंग क लिए करीब 20,000 लोगों को नौकरियों से निकाल दिया है वहीं जबकि 75,000 लोगों ने बायआउट चूज करने का फैसला किया है.
इन वजहों से मस्क और उनकी कंपनी के खिलाफ काफी गुस्सा दिखाई दे रहा है. मस्क पर दक्षिणपंथी पार्टियों को समर्थन देने का आरोप मस्क ने बीते कुछ महीनों में यूरोप की कई दक्षिणपंथी पार्टियों को समर्थन दिया है.
जर्मनी- मस्क ने जर्मन चुनाव में लेफ्टिस्ट पार्टी अल्टरनेटिव फर ड्यूशलैंड (AFD) का सपोर्ट किया था उन्होंने सोशल मीडिया X पर कहा था कि जर्मनी को केवल AFD ही बचा सकती है. AFD ही देश के लिए उम्मीद है. ये पार्टी देश को बेहतर भविष्य दे सकती है.
इटली- इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी एलन मस्क को अपना दोस्त बता चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि मैं मस्क की दोस्त और इटली की प्रधानमंत्री दोनों ही एक साथ हो सकती हूं. मेलोनी को दक्षिणपंथी नेता माना जाता है.
कर्मचारियों और यूनियनों ने आरोप लगाया कि मस्क ने टेस्ला में बिना किसी पूर्व सूचना के बड़े पैमाने पर छंटनी कर दी. इससे वे सड़क पर आ गए. इसके चलते मस्क को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. नेशनल हाई-वे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक सरकारी एजेंसियां इस छंटनी की जांच भी कर रही है.
इस पूरे घटना क्रम में मस्क को अब तक काफी आर्थिक नुकसान हो चुका है. मार्च महीने में टेस्ला शेयरों में 15% की गिरावट आई थी, जो सितंबर 2020 के बाद से बाजार में उनका सबसे खराब दिन था. कंपनी के मार्केट कैप में करीब 800 अरब डॉलर की कमी आई थी और इसका सीधा असर मस्क की नेटवर्थ पर भी पड़ा था और जनवरी 2025 से मार्च तक मस्क के नेटवर्थ में 132 अरब डॉलर यानी करीब 11 लाख करोड़ रुपए की जबरदस्त गिरावट देखी गई. इसमें मार्च के एक ही दिन में आई 29 अरब डॉलर की गिरावट भी शामिल है.
ब्रांड इमेज पर असर- विवादों की वजह से टेस्ला की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है, जिससे संभावित ग्राहक दूसरी कंपनियों की ओर रुख कर सकते हैं. न्यूयॉर्क के ब्रांड कंसल्टेंट रॉबर्ट पासिकॉफ का कहना है कि यह मार्केटिंग का 101वां नियम है कि खुद को राजनीति में शामिल न करें. लोग आपका प्रोडक्ट खरीदना बंद कर देंगे.