Last Updated:
NEET Result 2025 Success Story: सागर के एक किसान पर भगवान मानों मेहरबान हैं. ये पिता ने अपने बड़े बेटे को डॉक्टर बनाना चाहता था, लेकिन आज 4 बेटे और…
हाइलाइट्स
- किसान परिवार के 5 सदस्य बने डॉक्टर
- गांव में स्कूल नहीं, फिर भी 4 बेटे और बहू डॉक्टर
- पिता ने छोटे बेटे के NEET रिजल्ट पर खुशी से रोए
NEET Result: सागर का एक ऐसा गांव जहां बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल तक नहीं है. उस गांव के एक किसान परिवार ने मिसाल पेश कर दी. इस परिवार में बहू सहित अब पांचवां सदस्य डॉक्टर बनने जा रहा है. क्योंकि घर के सबसे छोटे और चौथे भाई ने NEET क्लियर कर लिया है. इस घर के मुखिया ने केवल अपने बड़े बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना 35 साल पहले देखा था. 15 साल पहले उनका बड़ा बेटा डॉक्टर बन भी गया. लेकिन, उसके बाद परिवार से डॉक्टर निकलने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह अब तक जारी है.
लोग मुझपर हंसते थे…
उमाशंकर पटेल ने बताया, हमारे गांव में स्कूल तक नहीं था. जब गांव में कभी चर्चा करते थे कि हम अपने बेटे को डॉक्टर बनाएंगे तो लोग हंस दिया करते थे. लेकिन, अब हमारे बेटों ने डॉक्टर बनकर दिखाया है. जैसे ही छोटे बेटे का रिजल्ट आया, तो रात भर खुशी के आंसू आते रहे. उनके सबसे बड़े बेटे अखिलेश पटेल 15 साल पहले डॉक्टर बने थे. वर्तमान में वह एमबीबीएस (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) जमशेदपुर, झारखंड में पदस्थ हैं.
दूसरे भाई असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनोद पटेल एमबीबीएस एमडी (लंग्स रोग विशेषज्ञ गांधी मेडिकल कॉलेज, हमीदिया भोपाल) में सेवाएं दे रहे हैं. साथ ही उनकी धर्मपत्नी डॉ. चित्रा पटेल MS AYU (स्त्री एवं प्रसूति विशेषज्ञ) जेके हॉस्पिटल भोपाल में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में पदस्थ हैं. तीसरे डॉ. प्रदीप पटेल एमबीबीएस कम्युनिटी हेल्थ सेंटर गढ़ाकोटा में मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट पर कार्यरत हैं. इसके अलावा नीट यूजी 2025 में चयन होने के साथ ही चौथे और सबसे छोटे भाई हेल्दी पटेल का नाम परिवार के पांचवें डॉक्टर के रूप में दर्ज हो गया.