एक क्लिक पर होने वाला काम अब कई दिनों में पूरा हो रहा है।
धार में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए नया संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर शुरू किया गया है। इस सॉफ्टवेयर से रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने का वादा किया गया था। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।
.
आवेदकों को रजिस्ट्री के लिए पंजीयक कार्यालय में दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। सर्वर की धीमी गति के कारण लोगों को बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है। नए सॉफ्टवेयर में ई-रजिस्ट्री की सुविधा दी गई थी, लेकिन ये व्यवस्था सही तरीके से काम नहीं कर रही है।
यूनीक आईडी बनवाने में हो रही परेशानी नेटवर्क की समस्या और पोर्टल के बार-बार बंद होने से संपदा-2.0 की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। क्रेता और विक्रेता को केवाईसी और यूनीक आईडी बनवाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह एक क्लिक पर होने वाला काम अब कई दिनों में पूरा हो रहा है।
पंजीयक कार्यालय में आवेदकों की भीड़ दरअसल एक अप्रेल से संपदा – 2.0 शुरू हुआ था। इसके बाद के ढाई महीने में जिले में पांच हजार के लगभग 4 हजार 955 दस्तावेजों का पंजीयन किया गया है। ये आंकड़ा सामान्य स्थिति से कम है। वहीं सॉफ्टवेयर के नियमित नहीं चलने से पंजीयक कार्यालय में आवेदकों की भीड़ लग रही है। अप्रेल से अभी तक की स्थिति में संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर की रफ्तार धीमी रही है।
धार जिला मुख्यालय स्थित पंजीयक कार्यालय को छोड़ दें तो सब सेंटरों पर पंजीयन का आंकड़ा कम है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धार में सबसे ज्यादा 2 हजार 407 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। जिसमें विभाग को 23 करोड़ 96 लाख रुपए की आय हुई। वहीं अब तक पूरे जिले में 38 करोड़ 14 लाख का राजस्व मिला है।
अब डेढ़ घंटे लग रहे सर्वर की समस्या से आवेदक के साथ ही सर्विस प्रोवाइडर भी परेशान हैं। धरमपुरी निवासी विवेक शर्मा बताते हैं कि नया सॉफ्टवेयर बना तो अच्छा है, लेकिन काम बहुत धीमे कर रहा है। पूर्व में एक रजिस्ट्री कराने में 20 से 25 मिनट लगते थे, जो अब एक से डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। तकनीकी समस्या दूर हो जाए तो संपदा 2.0 में रजिस्ट्री करना आसान हो सकता है। अभी सर्वर की समस्या के कारण लोगों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी सरदारपुर निवासी अमित महाजन ने संपदा -2.0 सॉफ्टवेयर आने के बाद ई- रजिस्ट्री की सुविधा आसान होना थी, लेकिन नगर के सब सेंटर में तीन से चार दिन में भी दस्तावेजों का पंजीयन नहीं हो रहा है। तत्काल रजिस्ट्री के लिए आवेदकों को जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। बड़ी डील या जमीन के बड़े सौदे में क्रेता-विक्रेता भी ज्यादा रिस्क नहीं लेते और सीधे धार पहुंचकर रजिस्ट्री कराने में विश्वास रखते हैं।
‘कभी-कभी धीमा होता है सर्वर’ जिला पंजीयक प्रभात बाजपेयी का कहना है कि शुरुआती दिक्कतों के बाद अब सर्वर सही चल रहा है। कभी-कभी धीमा होता है, लेकिन ज्यादा परेशानी नहीं है। स्टाफ भी पर्याप्त मिला हुआ है। इसलिए आवेदन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
केंद्रवार रजिस्ट्री और राजस्व-
- धार केंद्र पर सबसे ज्यादा 2 हजार 407 रजिस्ट्री से 23.96 करोड़ का राजस्व
- बदनावर में 818 रजिस्ट्री से 6.42 करोड़
- मनावर में 544 रजिस्ट्री से 2 करोड़
- सरदारपुर में 411 रजिस्ट्री से 2.50 करोड़
- धरमपुरी में 377 रजिस्ट्री से 1.82 करोड़
- कुक्षी में 292 रजिस्ट्री से 1 करोड़
- गंधवानी में सबसे कम 106 रजिस्ट्री से 35 लाख का राजस्व