ऑडिटर जनरल (एजी) कार्यालय ने अब प्रदेश के सभी विभागों की ऑडिट आपत्तियों पर सीधी निगरानी करने की तैयारी की है। इसके तहत वर्ष 2009 में जारी 16 साल पुराने आदेश के आधार पर विभागीय ऑडिट कमेटियों के गठन को लेकर फिर से निर्देश जारी किए गए हैं। एजी के पत्र
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कमेटी में प्रमुख सचिव, सचिव, विभाग प्रमुख, वित्त विभाग के अधिकारी और वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी शामिल होंगे। इसकी बैठक हर तीन माह में होगी और यह लंबित आपत्तियों के निराकरण का कार्य करेगी। यदि किसी विभाग में यह समिति गठित नहीं है, तो इसकी जानकारी ऑडिटर जनरल कार्यालय को भेजी जाए। इसके साथ ही वित्त विभाग के सॉफ्टवेयर को भी एजी कार्यालय से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है।