जहां पानी बहता है, वहीं बसती है आत्मा: भारत भवन में सदानीरा समागम, पीयूष मिश्रा ने कविताओं के जरिए बयां किया नदी प्रेम – Bhopal News

जहां पानी बहता है, वहीं बसती है आत्मा:  भारत भवन में सदानीरा समागम, पीयूष मिश्रा ने कविताओं के जरिए बयां किया नदी प्रेम – Bhopal News


‘नदी केवल जलधारा नहीं, जीवनधारा है’ इस संदेश को लेकर भोपाल के भारत भवन में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ‘सदानीरा समागम’ का दूसरा दिन साहित्य, कला और सिनेमा के संगम का साक्षी बना।

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इस मौके पर गीतकार, अभिनेता और संगीतकार पीयूष मिश्रा ने नदियों की प्रेमकथा को कविताओं के माध्यम से स्वर दिया। उन्होंने कहा कि नदी को संसाधन नहीं, संवेदना समझना होगा। जहां पानी बहता है, वहीं आत्मा बसती है।

‘नदीनामा’ में हुआ जल-कविताओं का पुनर्पाठ ‘नदीनामा’ शीर्षक से आयोजित इस काव्य सत्र में सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, माखनलाल चतुर्वेदी, सुमित्रानंदन पंत, सुभद्राकुमारी चौहान, नागार्जुन, अज्ञेय, भवानी प्रसाद मिश्र सहित 20 से अधिक कालजयी कवियों की नदी केंद्रित कविताओं का पुनर्पाठ हुआ।

मंच पर देश के नामचीन अभिनेता, रंगकर्मी और शिक्षाविद करण राजदान, राजीव वर्मा, अन्नू कपूर, सीमा कपूर, रूमी जाफरी, नवनी परिहार और स्वप्निल कोठारी ने अपनी प्रभावशाली वाणी में इन कविताओं का पाठ किया।

पीयूष मिश्रा ने कहा-

नदी का रुकना सिर्फ जल का रुकना नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता के संगीत का मौन हो जाना है। अगर कविता, गीत और स्मृति बचानी है, तो पहले नदियां बचानी होंगी।

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अभिनेता राजीव वर्मा और नवनी परिहार।

अभिनेता राजीव वर्मा और नवनी परिहार।

जल जगत की भावनात्मक नृत्य गाथा कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रसिद्ध नृत्यांगना और कथक समन्वयक डॉ. शमा भाटे द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका ‘नि:शब्द भेदा’ का मंचन हुआ। कथक की शास्त्रीय परंपरा में तैयार इस प्रस्तुति में जल के भीतर के जीवन, जलचर प्राणियों की चेष्टाओं, सूक्ष्म संवेदनाओं और उनके पारिस्थितिक संघर्ष को अत्यंत कलात्मक रूप से मंच पर उतारा गया।

जल की तरलता, मत्स्य गति, जल में कंपन और जीवों की प्रतिक्रियाओं को प्रतीकात्मक नृत्य भाषा में व्यक्त कर यह नाटिका दर्शकों को न केवल मंत्रमुग्ध कर गई, बल्कि उन्हें यह सोचने पर मजबूर भी कर गई कि जल और जलचर केवल वैज्ञानिक विषय नहीं, हमारी सांस्कृतिक चेतना का हिस्सा हैं।

‘प्रवाह’ फिल्म समारोह में दिखाई गईं जल विषयक लघु फिल्में भारत भवन के अभिरंग सभागार में आयोजित दो दिवसीय प्रवाह’ लघु फिल्म समारोह की शुरुआत शनिवार सुबह हुई। इसमें नदी, जलस्रोत, पर्यावरणीय परिवर्तन, और जल पर आधारित 10 से अधिक लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। समारोह में शहर के स्कूल-कॉलेजों के छात्र, सिनेप्रेमी और पर्यावरण कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

फिल्म निर्देशक देवेंद्र खंडेलवाल ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और संस्थाएं मिलकर जिस प्रकार जलसंरक्षण पर काम कर रही हैं, वह अनुकरणीय है। फिल्में जनजागरण का प्रभावी माध्यम हैं, जो जल चेतना को जनमानस तक पहुंचा सकती हैं।

तस्वीरों में देखें कार्यक्रम

अभिनेता अन्नू कपूर भी पहुंचे।

अभिनेता अन्नू कपूर भी पहुंचे।

वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी और पीयूष मिश्रा।

वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी और पीयूष मिश्रा।

भारत भवन सभागार में हुआ कार्यक्रम।

भारत भवन सभागार में हुआ कार्यक्रम।

शमा भाटे द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका ‘नि:शब्द भेदा’।

शमा भाटे द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका ‘नि:शब्द भेदा’।



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