मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने राज्य स्टीयरिंग कमेटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की।
बीएलओ द्वारा दिव्यांग मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची में शामिल ऐसे दिव्यांग जो 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग हैं। उन्हें डाक मत पत्र के जरिए मतदान की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा ऐसे मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश सुखवीर सिंह ने गुरुवार को राज्य स्टीयरिंग कमेटी ऑन एक्सेसिबल इलेक्शन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें छूटे हुए दिव्यांग मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाए जाने के संबंध में चर्चा की गई और कमेटी के सदस्यों से सुझाव भी लिए गए। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में अवगत कराया।
मोबाइल ऐप से अपडेट होगी दिव्यांगता की जानकारी
उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं के मताधिकार के दृष्टिगत आयोग द्वारा मतदान केन्द्रों में बुनियादी न्यूनतम सुविधाओं को सशक्त बनाया गया है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हील चेयर, रैंप, बड़े अक्षरों में साइनेज, टोकन सिस्टम, बैठने की सुगम व्यवस्था, पीने का पानी, दिव्यागजनों के लिए अनुकूल शौचालय इत्यादि की व्यवस्था गई है। दिव्यांगजन अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकें, इसके लिए “PWD App” की सुविधा प्रदान की गई है। यह मोबाइल एप्लीकेशन ऐप है। दिव्यांग मतदाता द्वारा वोटर हेल्पलाइन एप, एनवीएसपी पोर्टल के माध्यम से अपनी दिव्यांगता की स्थिति को अपडेट कर सकता है।
दृष्टिहीन दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए ब्रेल लिपि में मतदाता परिचय पत्र एवं मतपत्र की सुविधा प्रदान की गई है। चुनाव से पूर्व दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और गैर सरकारी संगठनों इत्यादि को दिव्यागजनों से सम्मानपूर्वक बातचीत करने एवं उनकी आवश्यकताओं को पहचान कर उसके अनुरूप मतदान को अधिक सुलभ बनाने के लिये प्रशिक्षण दिए जाने की भी व्यवस्था की गई है।
40% से अधिक दिव्यांगजन को मिलेगी सुविधा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने बताया कि ऐसे दिव्यांग मतदाता, जिनका नाम मतदाता सूची में है और वे 40% से अधिक विकलांगता के मानक प्रमाण पत्र धारी हैं और मतदान केन्द्र तक पहुंचने में अक्षम हैं, उन्हें 12-D (डाक मतपत्र) के द्वारा मतदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। निर्वाचन के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांगजनों को मतदान एवं मतदान केन्द्र पर सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए सक्षम एप भी बनाया गया है। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सिंह ने कहा कि आने वाले मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण में बीएलओ द्वारा दिव्यांग मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। आयोग द्वारा दिव्यांग मतदाताओं के लिए समय समय पर जारी किए जाने वाले दिशा निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी गई।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुरभि तिवारी सहित लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, स्कूल शिक्षा विभाग, आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग, आरूषि संस्था, राष्ट्रीय दृष्टिहीन कल्याण संघ और सरोजनी नायडू कन्या महाविद्यालय भोपाल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।