आरोपी रिंकू राजपूत को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
ग्वालियर में एक पालतू कुत्ते के भौंकने से नाराज होकर ठेकेदार और उसके साथियों ने युवक को गोली मार दी थी। गोली उसके पेट में लगी थी। हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान चार दिन पहले उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या
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तीसरा फरार आरोपी रिंकू राजपूत महाराष्ट्र के पुणे में छिपा हुआ था। जब पुलिस वहां पहुंची, तो पता चला कि वह इंदौर चला गया है। टीम ने पीछा करते हुए इंदौर के देवास नाका बायपास से रिंकू को गिरफ्तार कर लिया। उसे ग्वालियर लाया गया है।
मृतक सचिन, जब उसको ग्वालियर से दिल्ली रेफर किया गया था।
बहस हाथापाई में बदली, आरोपियों ने की फायरिंग
1 जून की रात करीब 12:15 बजे कंपू थाना क्षेत्र के मांढरे की माता मंदिर के पास झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले संजय यादव अपने भाई सचिन यादव के साथ घर के बाहर टहल रहे थे। तभी रिंकू राजपूत, कपिल राजपूत और रामवरण जाटव वहां पहुंचे और दोनों भाइयों से गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने पूछा- आज तेरा कुत्ता नहीं दिख रहा?
संजय और सचिन ने विरोध किया, तो बहस हाथापाई में बदल गई। तभी आरोपियों ने फायरिंग कर दी। गोली सचिन के पेट में जा लगी और वह गिर पड़ा। आरोपी भाग निकले। गंभीर हालत में सचिन को पहले ग्वालियर और फिर दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 23 जून को उसकी मौत हो गई।
कुत्ता बना था जमीन कब्जे की राह में बाधा
परिजनों ने बताया कि आरोपी वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहते थे। वहां अक्सर उनका आना-जाना लगा रहता था। जब भी वे आते, सचिन और संजय का कुत्ता भौंकता था, जिससे वे चिढ़ते थे।
एक दिन पहले भी कुत्ते के भौंकने पर उन्होंने गाली-गलौज की थी और धमकी दी थी कि अगर फिर भौंका तो गोली मार देंगे। इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था और परिजनों ने कंपू थाने में शिकायत भी की थी। अगले दिन रात में आकर आरोपियों ने सचिन को गोली मार दी।
इस मामले में कंपू थाना प्रभारी एमएम मालवीय ने बताया कि तीसरे फरार आरोपी रिंकू राजपूत को इंदौर के देवास नाका बायपास से गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं, जिनमें से एक रामवरण जमानत पर बाहर है।